छतरपुर : छतरपुर जिले और समूचे बुंदेलखंड अंचल में लोगों को मृत्यु के बाद अस्थिसंचय करने के बाद गंगा में विसर्जन और तर्पण के लिए तरसना पड़ रहा है। अब तक तो मृत्यु उपरांत चिता ठंडी होने पर 2 दिनों में अस्थि संचय कर लिया जाता था और घर में अस्थि दर्शन के बाद प्रयागराज ले जाकर उन अस्थियों को गंगा में तर्पण/सिरा दिया जाता था। पर अब इसमें भारी समस्या आ रही है। जिसके के मामले सामने आ रहे हैं।
●मृतकों के परिजनों ने बताई परेशानी..
लोगों ने अपनी पहचान और नाम छिपाते हुए बताया इस समय प्रयागराज में कुंभ स्नान करने वालों की भारी भीड़ है जिसके चलते वहां जाना बहुत मुश्किल हो गया है। अगर किसी तरह पहुंच भी जाते हैं तो भारी परेशानियों का सामना कारण पड़ता है और समय भी बहुत लगता है जिसके चलते लोगों ने फूल/अस्थि विसर्जन को पोस्टपोंड आगे बढ़ा दिया है।
●प्रयागराज से पंडाओं ने की मनाही..
वहीं जब लोग प्रयागराज में अपने-अपने पंडाओं से संपर्क करते हैं तो उन्होंने भी अभी हाल में आने से रोक दिया है, और कहा है कि एक तो मकर संक्रांति का समय और कुंभ स्नान की भारी भीड़ है, ऐसे में आने जाने की परेशानी तो रहेगी ही साथ ही फूल/अस्थि विसर्जन भी पूर्व की भांति विधिविधान से नहीं हो पायेगा।
●रिजर्वेशन के बाबजूद नहीं मिल रही जगह, स्टेशन पर पहुंचने पर गेट नहीं खुलते..
कुंभ में सरकार ने भले ही EXTRA ट्रेनों की व्यवस्था की है पर वह नाकाफ़ी नजर आ रही है। भारी भीड़ के चलते रिजर्वेशन के बावजूद लोगों को ट्रेन में जगह नहीं मिल रही, उनपर से स्टेशन पर पहुंचने पर गेट भी नहीं खुलते, ट्रेन के अंदर बैठे लोग गेट नहीं खोलते ऐसे में ट्रेन 1 से 2 मिनिट रुककर अपना समय होते ही निकल जाती है।
●अस्थियां लेकर खड़े रहे स्टेशन पर चली गई ट्रेन..
ताजा मामले निकलकर आये हैं छतरपुर जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से जहां पूर्व से रिजर्वेशन पर अस्थियों को गले में टांगे अस्थिसंचय को प्रयागराज जाने को जब लोग पहुंचे तो उन्हें ट्रेन में जगह नहीं मिली, और वह ट्रेन में नहीं चढ़ सके जिससे उन्हें अस्थियां लेकर घर वापिस लौटना पड़ा। लोगों की मानें तो उनकी जिंदगी में ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हें अस्थियां लेकर घर वापिस आना पड़ा, आज के पहले ऐसा कभी नहीं हुआ पर इस बार हो रहा है।
●गौ शाला में या पेड़ों पर टांग रहे अस्थियां..
वहीं इस मामले में जब हमने लोगों से बात की तो उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में अस्थियों का संचय कर उन्हें पोटली में भरकर गौ-शाला में रख रहे हैं या फिर पेड़ों पर टांग दे रहे हैं और जब प्रयागराज के पंडा ग्रीन सिग्नल देंगें और आने को कहेंगे तो अस्थियों को विसर्जन के लिए ले जाया जायेगा।
●रेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की खुली पोल..
वहीं अब लोगों का आआरोप हॉइ की कुम्भ मेले के कारण अत्यधिक भीड़ ने रेल विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। एक तो ट्रेन के गेट नहीं खुलते और ट्रेन के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। अगर कहीं गेट खुलते भी हैं तो उसमें चढ़ने पैर रखने तक की जगह नहीं रहती। जिससे लोग खासे परेशान हैं।
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