बालाघाट: ब्रिटिश कालीन रेंजर कॉलेज का बालाघाट से जबलपुर शिफ्ट होने की खबर और बीज निगम के बालाघाट से सिवनी जाने के मामले में विधायक अनुभा मुंजारे ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा है कि जिले की आवश्यकता और पहचान को किसी भी कीमत पर मिटने या हटने नहीं देंगे। इसके लिए वे जनता के साथ हर स्तर की लड़ाई लड़ने को तैयार है। सड़क से लेकर सदन तक बालाघाट के मान सम्मान के लिए वह अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
बता दें कि रेंजर कॉलेज के विस्थापन का मामला उजागर होने के बाद बालाघाट वासियों में नाराजगी है तो वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बालाघाट की अमिट पहचान मिटाने का यह षडयंत्र है और इसके विरोध में जनसमर्थन लेकर रेंजर कॉलेज के विस्थापन को रोकने की पुरजोर कोशिश की जाएगी। रेंजर कॉलेज के विस्थापन मामले में लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। रेंजर कॉलेज स्थानांतरण का दिलचस्प मामला…बहरहाल बालाघाट बनाम जबलपुर हो गया है तो वहीं इस मामले में बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने बालाघाट से रेंजर कॉलेज और मध्यप्रदेश बीज निगम के विस्थापन को दुर्भाग्य पूर्ण बताया है और इन्हें यथावत बालाघाट में बनाये रखने की पूरी कोशिश करने की बात कही है।
हालांकि बालाघाट वन विभाग के सीसीएफ और रेंजर कॉलेज के प्राचार्य ए.पी. सेंगर ने कहा है कि रेंजर कॉलेज के जबलपुर स्थानांतरण करने को लेकर अभी कोई आधिकारिक आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने रेंजर कॉलेज के जबलपुर जाने को लेकर उन्होंने जो बात रखी वह आपको भी सोचने और समझने पर मजबूर कर देगी।
मध्यप्रदेश बीज निगम के सिवनी जाने का मामला हो या फिर रेंजर कॉलेज का संभाग मुख्यालय जबलपुर शिफ्ट होने की खबर हो यह बालाघाट जिले वासियों के लिए दुःखद खबर है। बहरहाल रेंजर कॉलेज को लेकर बालाघाट बनाम जबलपुर का स्थानांतरण वाला गोपनीय खेल दिलचस्प होता जा रहा है।
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