“देश में संविधान लागू होने तथा भारत को गणतंत्र बने हुए चौथाई सदी बीत जाने के बावजूद मजदूरी करने वाले गरीब लोगों की स्थिति बेहतर होने की बजाय बदतर होती जा रही है।” ” उक्त शब्द दर्जा चार सरकारी कर्मचारी यूनियन जिला फरीदकोट के जिला प्रधान इकबाल सिंह ढूडी व महासचिव बलकार सिंह सहोता ने स्थानीय लघु सचिवालय में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष दर्जा चार कर्मचारियों द्वारा आज की गई भूख हड़ताल के दौरान कहे।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार, जिसे कर्मचारियों ने बड़ी मेहनत और उम्मीद के साथ वोट देकर राज्य का मालिक बनाया था, छोटे कर्मचारियों को अंगूठा दिखाने की नीति पर चल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि 1992 के बाद से किसी भी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की स्थायी भर्ती नहीं की गई है तथा लाखों कर्मचारियों का ठेका या आउटसोर्स प्रणाली के तहत अल्प वेतन पर शोषण किया जा रहा है। सितंबर 2019 से न्यूनतम मजदूरी में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है, जबकि इस अवधि के दौरान कीमतों में काफी वृद्धि हुई है।
बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि पंजाब सरकार सभी विभागों के अनुबंध, वर्कचार्ज, आउटसोर्स और पार्टटाइम कर्मचारियों को पूर्ण वेतन पर नियमित करे, पुरानी पेंशन बहाल करे तथा 2016 की नीति के अनुसार वेतन आयोग और महंगाई भत्ते का बकाया दे। इस अवसर पर अन्यों के अलावा कर्मचारी नेता कुलबीर सिंह सरावां, जिला अध्यक्ष पशुपालन विभाग, शिवनाथ दर्दी, कश्मीर सिंह, रविंदर कुमार, काका सिंह, परमजीत सिंह पम्मा, रणजीत सिंह, गुरमीत सिंह, नरिंदर सिंह, राम किशोर, जगदेव सिंह आदि उपस्थित थे।
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