शराब की बोतलें, सोने के लिए आरामदायक बेड, AC, पंखा और हीटर… ये नजारा दिल्ली के आरके आश्रम के पंचकुइया रोड स्थित पुलिस बूथ का था. आरोप है कि इसी पुलिस बूथ के पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में एक दिव्यांग बुजुर्ग को पीसीआर वैन से कुचल दिया. मृतक चाय बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बूथ को अय्याशी का अड्डा बना दिया गया था. यह भी आरोप है कि यह पुलिस बूथ अवैध रूप से बनाया गया था.
घटना सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर हुई. मृतक का नाम गंगाराम तिवारी था और उनकी उम्र 55 साल बताई जा रही है. गंगाराम पंचकुइया पुलिस चौकी के पास ही चाय बेचने का काम करते थे. वे उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के तुरकाडिहा गांव के रहने वाले थे. गंगाराम के बेटे शिवकुमार तिवारी के मुताबिक, वह खुद मजदूरी करता है. उसके पिता शरीर से दिव्यांग थे और चाय बेचकर ही परिवार का भरण-पोषण करते थे. घर का खर्च पिता की आमदनी से चलता था.
बुजुर्ग का बेटा क्या बोला?
शिवकुमार ने कहा कि पिता के निधन के बाद अब चार बहनों की शादी और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है. उसकी मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो और परिवार को मुआवजा दिया जाए. मौके पर मौजूद चश्मदीदों का आरोप है कि घटना में शामिल पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे. यह भी आरोप है कि उनकी पुलिस वैन में एक लड़की भी मौजूद थी, जो घटना के बाद से लापता है.
एक चश्मदीद ने बताया कि गंगाराम अपनी चाय की टपरी पर सो रहे थे, तभी पीसीआर वैन ने उन्हें कुचल दिया. जब आसपास के लोगों ने विरोध किया तो शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी भड़क गए और भीड़ पर पिस्तौल तान दी.
पुलिस बूथ के अंदर AC, पंखा और हीटर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटनास्थल से करीब 5060 मीटर की दूरी पर आरोपी पुलिसकर्मियों ने एक अवैध अस्थायी पुलिस बूथ बना रखा था. वहां बिस्तर, AC, पंखा और हीटर लगे थे. पुलिसकर्मी रोजाना वहीं बैठकर शराब पीते थे. आरोपों की पड़ताल के लिए जब TV9 भारतवर्ष की टीम वहां पहुंची तो पाया कि AC चल रहा था और बेड पर शराब की बोतलें व कांच के गिलास पड़े हुए थे.
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, FIR दर्ज कर ली गई है. आरोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर गिरफ्तार भी कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि वैन कांस्टेबल खिमेश चला रहा था.
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