तीन बार बदली जांच रिपोर्ट, सात पर एफआइआर, फिर भी मिट्टी मिलाने वाले का नाम नहीं

मध्य प्रदेश

जबलपुर। गेहूं खरीदी में गड़बड़ी करने और अमानक गेहूं गोदाम में रखने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। मझौली के जगदीश वेयरहाउस के संचालक, समिति और गोदाम को किराए पर लेने वालों समेत सात लोगों को मझौली थाने में एफआइआर दर्ज की गई।

एफआइआर दर्ज होने वालों में गेहूं में मिट्टी मिलाने वाले व्यक्ति का नाम नहीं

कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर मझौली के जगदीश वेयर हाउस इंद्राना रोड मझौली में अनियमितताओं में खरीदी संस्था के अध्यक्ष, वेयर हाउस के मालिक, खरीदी केंद्र प्रभारी से लेकर गोदाम प्रभारी और सर्वेयर सहित सात आरोपियों के विरुद्ध मझौली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। हालांकि एफआइआर दर्ज होने वालों में गेहूं में मिट्टी मिलाने वाले व्यक्ति का नाम नहीं है।

अब तक जगदीश वेयरहाउस को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है

राजनैतिक दबाव के चलते इसे जांच से लेकर कार्रवाई तक से दूर रखा गया है। इस मामले की पूरी जांच की जिम्मेदारी सिहोरा एसडीएम और मझौली तहसीलदार को दी गई थी, लेकिन सूत्रों की माने तो जांच प्रतिवेदन तीन बार बदला गया, ताकि कुछ को बचाया जा सके। जांच में सात लोगों को दोषी बनाकर एफआइआर की, लेकिन अब तक जगदीश वेयरहाउस को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है।

कलेक्टर के निर्देश के बाद भी एफआइआर नहीं

इस मामले को कलेक्टर दीपक सक्सेना ने गंभीरता से लेते हुए सभी दोषियों पर एफआइआर दर्ज करने कहा। साथ ही स्पष्ट तौर पर वेयरहाउस में अमानक मिले गेहूं में मिट्टी मिलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तीन दिन बाद हुई एफआइआर में उसका नाम गायब मिला। सूत्रों की मानें तो बड़ी मात्रा में जगदीश वेयरहाउस में लगभग 40 लाख का तकरीबन 1683 क्विंटल गेहूं जांच में कम मिला।

नीलेश पटेल को न तो एफआइआर में शामिल किया गया और न ही जांच में रखा गया

घुना और मिट्टी मिले गेहूं भी मिला। गेहूं में जो मिट्टी मिलाने का काम जिस दिया गया था, उसने जेसीबी से गेहूं में मिट्टी मिला। हालांकि इस पूरे मामले में मिट्टी मिलाने वाले नीलेश पटेल को न तो एफआइआर में शामिल किया गया और न ही जांच में रखा गया, जिससे अब जांच रिपोर्ट और इसमें शामिल अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों की माने तो नीलेश के खिलाफ योगमाया वेयरहाउस में हुई गड़बड़ी भी में नाम सामने आया था, जिसके बाद उस पर एफआइआर दर्ज की गई थी।

ब्लैक लिस्ट करने जिला प्रबंधक को लिखा पत्र

इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएमओ अर्पित शुक्ला ने 13 जून को पत्र लिखकर जगदीश वेयरहाउस को ब्लैक लिस्ट करने पत्र लिखा, लेकिन आज तक इस पत्र को संज्ञान में नहीं लिया गया और न ही ब्लैक लिस्ट कियाग या। इधर इस मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सिद्धार्थ राय ने इस मामले में आरोपित अनीता लोधी, प्रकाश चंद्र कुशवाहा, दुर्गा विश्वकर्मा, केशव राय, अखिलेश राय, संदीप राजपूत, गनपत पटेल के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत मझौली थाने में एफअाइआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन की जांच समिति में शाखा प्रबंधक कैलाश चौहान, शिवस्वरूप शुक्ला, सिद्धार्थ राय, योगेश दुबे, विकास तिवारी और अनिल नरवरे शामिल थे।

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