पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दरमियान चल रहे प्रचार प्रसार के बीच गृह मंत्री अमित शाह पूरे बंगाल को साधने में जुटे हैं. चुनाव में जमीनी हकीकत को जानने और वहां के स्थानीय समस्याओं को मौके पर ही तुरंत सुलझाने के लिए शाह बहुत ही बारीकी से चुपचाप जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं.
इस क्रम में गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के सभी पांचो संभाग में प्रचार तो कर ही रहे हैं, साथ ही वहां रात्रि प्रवास कर रहे हैं. संभागों में रात्रि प्रवास के दौरान गृह मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ मल्टीलेवल बैठक कर जमीनी हकीकत से रूबरू हो रहे हैं. इस दौरान गरयदि कोई समस्या नजर आती है तो उसका निदान तुरंत करने की पहल कर रहे हैं.
बीजेपी ने बंगाल को पांच संभागों में बांटा
संगठन की दृष्टि से बीजेपी ने बंगाल को पांच संभागों में बांटा है और अब तक गृहमंत्री पिछले एक हफ्ते में दो संभागों में रात्रि बैठक कर चुके हैं. गृहमंत्री का संभागीय रात्रि प्रवास इन इन पांच शहरों में तय किया गया है, जिनमें सिलीगुड़ी, बालुरघाट, दुर्गापुर, खड़गपुर और हुगली शामिल है.
अमित शाह की 2 संभागों में बैठक पूरी
अबतक गृहमंत्री ने खड़कपुर और दुर्गापुर में रात्रि प्रवास कर संभागीय बैठक कर चुके हैं.उन्होंने पहली बैठक 10 अप्रैल को खड़कपुर में की. 10 अप्रैल को गृह मंत्री ने सबसे पहले कोलकाता में बीजेपी का संकल्प पत्र जारी किया. इसके बाद डेबरा में एक जनसभा संबोधित किया. उसी दिन आखिरी पब्लिक कार्यक्रम के तहत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बीजेपी के प्रत्याशी दिलीप घोष के लिए खड़कपुर में भव्य रोड शो किया.
10 अप्रैल को रोड शो खत्म होने के बाद खड़गपुर में गृहमंत्री का असली काम यानी कार्यकर्ताओं के साथ रात्रि बैठक का सिलसिला शुरू हुआ. ये मल्टी लेवल बैठक रात में करीब 4 घंटे से अधिक देर तक चली. रात 9 बजे से खड़गपुर में मेदिनीपुर और हावड़ा-हुगली संभाग के सभी 10 लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं और वहां लगे प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक रात 11:00 बजे तक चली.
सभी जिलों की कोर इलेक्शन टीम के साथ बैठक
उसके बाद गृह मंत्री ने सभी जिलों की कोर इलेक्शन टीम के साथ 1 घंटे बैठक की जो रात 12 बजे तक चली. आखिरी में उन्होंने संभागीय कोर ग्रुप के साथ बैठक की और पहले की दो बैठकों में मिले फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति बनाकर उसको जमीन पर उतारने का निर्देश दिया.
ठीक इसी तरह से 13 अप्रैल को दिन में गृहमंत्री अमित शाह ने तीन सभाएं की. पहली सभा बोलपुर में दूसरी सभा वीरभूम और तीसरी सभा पश्चिमी वर्धमान में की इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित किया. आखिर में शाह ने वर्धमान के दुर्गापुर में एक रोड किया. इसके बाद टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर सामने आई.
13 अप्रैल को गृह मंत्री ने दूसरी संभागीय बैठक बंगाल के दुर्गापुर में ली. राढ़बंगा क्षेत्र के पुरुलिया और वर्धमान क्षेत्र के सभी लोकसभा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ उन्होंने बैठक की. शाह ने दुर्गापुर में रात्रि प्रवास किया और वहां कार्यकर्ताओं के साथ संभागीय बैठक की जो रात में करीब 4 से 5 घंटे तक चली. इस संभाग की सभी लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं और वहां लगे प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने बातचीत की. इसके बाद शाह ने सभी जिलों की कोर इलेक्शन टीम के साथ 1 घंटे बैठक की. आखिरी में उन्होंने संभागीय कोर ग्रुप के साथ बैठक की और पहले की दो बैठकों में मिले फीडबैक के आधार पर आगे की स्ट्रेटजी बनाकर उसको जमीन पर उतारने का निर्देश दिया.
3 संभागीय बैठकें प्रस्तावित
इसी क्रम में गृहमंत्री की तीन और रात्रि प्रवास और संभागीय बैठकें होना प्रस्तावित है, जबकि दो संभागों की बैठक हो चुकी है. बंगाल के सिलीगुड़ी, बालुरघाट और हुगली संभागों की बैठक होना अभी बाकी है. पार्टी के नेताओं के मुताबिक गृह मंत्री संभागीय रात्रि प्रवास और बैठक तो कर ही रहे हैं साथ ही अब लगातार कोलकाता में ही डेरा जमाकर रखेंगे. इस बीच लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के क्रम में दिल्ली रहेंगे उसके अलावा वो लगातार बंगाल दौरे पर रहेंगे.
दरअसल गृहमंत्री अमित शाह संभागीय बैठक कर जोनल स्तर पर पार्टी की तैयारियों और कमियों का जायजा ले हैं. साथ ही स्थानीय कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर वहां मौजूद प्रवासी नेताओं की टीम को आगाह कर रहे हैं, ताकि कोई भी समस्या अगर है तो उसका समाधान फौरन किया जा सके. इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी जमीनी स्तर पर साइलेंट होकर बड़ी ही सजगता के साथ काम कर रही ताकि ग्राउंड जीरो की असली बात पार्टी बिना किसी शोर गुल के आलाकमान तक सीधा पहुंच सके. शाह का संभागीय रात्रि प्रवास और कार्यकर्ताओं के साथ लंबी-लंबी बैठकें उसी का हिस्सा हैं.
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