दतिया। ईओडब्ल्यू ग्वालियर की टीम ने न्यू कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन शाखा में पदस्थ बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा। शुक्रवार सुबह बाबू आलोक खरे शिकायकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था, जिसे पहले ही टीम में मौजूद अधिकारियों ने उसे रिश्वत के रुपयों सहित धर लिया।
इस संबंध में उपपुलिस अधीक्षक दामोदर गुप्ता ने बताया कि शामावि जिगना के शिक्षक राकेश शिवहरे को बीएलओ बनाया गया था। दिसंबर में किसी कारणवश उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में उनकी बहाली का आदेश कलेक्टर दतिया द्वारा दिया गया।
बहाली पत्रक बनाने के लिए 30 हजार रुपये मांगे थे
इसका भांडेर से उपस्थिति पत्रक तैयार करने एवं बहाली फाइल तैयार करने का कार्य निर्वाचन शाखा दतिया के बाबू आलोक खरे उर्फ ब्रजेंद्र भूषण खरे को करना था। जो उक्त कार्य करने के एवज में शिक्षक राकेश शिवहरे से 30 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
न्यू कलेक्ट्रेट में हुआ एक्शन
इस संबंध में शिक्षक ने एक आवेदन ईओडब्ल्यू ग्वालियर में प्रस्तुत किया। शुक्रवार को उक्त शिक्षक निर्वाचन शाखा के बाबू खरे को रिश्वत के रुप में राशि देने वाला था। जिसे लेकर उसने पहले ही सूचना ईओडब्ल्यू ग्वालियर की टीम को कर दी थी। शुक्रवार को ऑफिस समय में न्यू कलेक्ट्रेट पर टीम पहुंच गई।
वहां जैसे ही शिक्षक ने निर्वाचन शाखा बाबू आलोक खरे को 25 हजार रुपये दिए वैसे ही टीम ने बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यवाहक निरीक्षकगण घनश्याम भदौरिया एवं योगेंद्र दुबे ने बाबू के रिश्वत लेने के मामले में मौके पर ही रिपोर्ट तैयार की।
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