हरिवंश का राज्यसभा का उपसभापति सर्वसम्मति से बनना तय है. शुक्रवार को इस बाबत राज्यसभा में प्रस्ताव आएगा. उपसभापति के चुनाव के लिए प्रस्ताव देने की अंतिम तारीख और समय गुरुवार, 16 अप्रैल को दोपहर 12:00 बजे तक था. आज तय समय के अंदर उपसभापति पद के लिए पांच प्रस्ताव मिले.पांचों में हरिवंश को राज्य सभा का उपसभापति चुने जाने का प्रस्ताव किया गया था.
जो पांच प्रस्ताव दिए गए, उनमें पहले प्रस्ताव में बीजेपी सांसद जगत प्रकाश नड्डा प्रस्तावक हैं और एस फांगनोन कोन्याक अनुमोदक हैं. दूसरे प्रस्ताव में भाजपा के अखिल भारतीय अध्यक्ष नितिन नबीन प्रस्तावक हैं और बृज लाल अनुमोदक हैं.
तीसरे प्रस्ताव में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रस्तावक हैं और अनुमोदक सुरेन्द्र सिंह नाग हैं. चौथे प्रसताव में संजय कुमार झा प्रस्तावक हैं और अनुमोदक उपेन्द्र कुशवाहा हैं. पांचवें प्रस्ताव में जयंत चौधरी प्रस्तावक हैं और अनुमोदक मिलिंद मुरली देवड़ा हैं.
जेपी नड्डा कल राज्यसभा में पेश करेंगे प्रस्ताव
तय समय यानि 16 अप्रैल, 2026 को दोपहर 12:00 बजे तक, विपक्ष की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया. विपक्ष ने पहले ही ऐलान किया है कि विपक्ष की ओर से उप सभापति चुनाव का बॉयकॉट किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक जगत प्रकाश नड्डा शुक्रवार को सदन में प्रस्ताव रखेंगे और एस. फांगनोन कोन्याक उसको अनुमोदित करेंगी. इसके बाद प्रस्ताव सदन द्वारा ध्वनि मत से पारित किया जाएगा. इसके बाद सभापति घोषणा करेंगे कि हरिवंश राज्य सभा के उपसभापति के रूप में चुने गए हैं.
इसके बाद परंपरा के मुताबिक हरिवंश को सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन द्वारा उनको आसन तक ले जाया जाएगा.
हरिवंश का होगा तीसरा कार्यकाल
हरिवंश का बतौर राज्यसभा उपसभापति ये तीसरा कार्यकाल होगा. पहली बार हरिवंश अगस्त 2018 में उपसभापति बने थे. फिर दोबारा सितंबर 2020 मे उपसभापति बने थे. इस बार केंद्र सरकार द्वारा हरिवंश को राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है.
गौरतलब है कि राज्य सभा के उपसभापति का पद रिक्त होने के बाद चुनाव कराने के लिए शुक्रवार, 17 अप्रैल, 2026 की तारीख तय की थी.
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