ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक जाएगी ट्रेन, सुरंग में होगा 105km का सफर

उत्तराखण्ड

उत्तराखंज के ऋषिकेश को कर्णप्रयाग शहर से जोड़ने वाली126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर ट्रैक बिछाने की तैयारी तेज हो गई है. रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने शिवपुरी से गूलर तक की सुरंग का सर्वे का काम एक कंपनी को सौंपा है. यह काम अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. यह रेल लाइन उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों को जोड़ने के लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है.

इस 26 किलोमीटर लंबी परियोजना पर लगभग 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. खास बात यह है कि इस रेलवे लाइन का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा. अब तक लगभग 93 प्रतिशत सुरंग का काम पूरा हो चुका है. टिहरी में शिवपुरीगूलर के बीच 6 किलोमीटर लंबी सुरंग का सर्वे चल रहा है. इसमें बिना गिट्टी वाला ट्रैक बिछाया जाएगा. जैसे-जैसे सुरंगें तैयार होंगी, उनमें ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू किया जाएगा.

शिवपुरी और व्यासी स्टेशन पर निर्माण कार्य जारी

इस रेल परियोजना पर कुल 13 स्टेशन हैं, जिनका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है. इनमें ऋषिकेश के वीरभद्र और योगनगरी स्टेशन का निर्माण पहले ही पूरा हो गया है. वहीं अब शिवपुरी और व्यासी स्टेशन पर काम चल रहा है, जिन्हें करीब डेढ़ साल में पूरा करने का टारगेट है. अक्टूबर तक देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारी देवी, घोलतीर, तिलनी और गौचर स्टेशनों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे.

परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन होगा कर्णप्रयाग

इसके अलावा कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन के लिए अलग से टेंडर निकाले जाएंगे. यहां 26 लाइनें बनाई जाएंगी. कर्णप्रयाग पूरी परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन होगा. ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है. 126 किलोमीटर लंबी इस लाइन का ज्यादातर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा. यानी 105 किलोमीटर तक ट्रेन सुरंग से होकर गुजरेगी. ऐसे में समय कम लगेगा और यात्रियों को सफर में भी आसानी होगी.

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