यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने औद्योगिक निवेश को नई गति प्रदान करते हुए 8 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) सौंप दिया है। कुल 3,181 करोड़ रुपये के इन निवेश प्रस्तावों से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति आने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से 18,126 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. राकेश कुमार सिंह ने निवेशकों को आधिकारिक दस्तावेज सौंपे।
🛠️ ऑटोमोबाइल से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक का विस्तार
प्राधिकरण के अनुसार, आवंटित भूखंडों पर विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयां स्थापित होंगी, जिनमें मुख्य रूप से:
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ऑटोमोबाइल कंपोनेंट: समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड ने सेक्टर 8D में 50 एकड़ भूमि पर 1,156 करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया है, जिससे अकेले 8,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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फूड प्रोसेसिंग: क्रिस्पी सिटी फूड प्राइवेट लिमिटेड 122 करोड़ रुपये के निवेश से यूनिट लगाएगी, जिसमें 4,000 लोगों को काम मिलेगा।
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अन्य: एजी ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स), स्मार्ट इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग, स्टील फर्नीचर और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियां भी अपनी इकाइयां लगाएंगी।
🤝 निवेशकों के लिए उद्योग-अनुकूल माहौल
सीईओ डॉ. राकेश कुमार सिंह ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का विकास और तेजी से होगा और यह क्षेत्र औद्योगिक हब बनकर उभरेगा।
“हमारा लक्ष्य यमुना क्षेत्र को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाना है। इन परियोजनाओं से न केवल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।” — डॉ. राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
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