सागर (मध्य प्रदेश): डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय (सागर यूनिवर्सिटी) और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित महार रेजीमेंट के मध्य अग्निवीरों को रोजगारोन्मुख एवं तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु किए गए समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय प्रशासन अब नए प्रासंगिक पाठ्यक्रम डिजाइन करने जा रहा है।
वर्तमान में विश्वविद्यालय के कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से अग्निवीरों को उनकी सैन्य सेवा अवधि के दौरान ही व्यावसायिक कौशल प्रदान करने का समुचित प्रबंध किया गया है। इसके अंतर्गत सागर विश्वविद्यालय द्वारा कम्युनिटी कॉलेज तथा महार रेजीमेंट मुख्यालय दोनों स्थानों पर कक्षाएं संचालित की जाती हैं, जिससे अग्निवीर अपनी देशसेवा के दायित्वों के साथ-साथ विश्वविद्यालय से स्नातक/डिप्लोमा डिग्री भी प्राप्त कर सकें। इसी कड़ी में भारतीय सेना की विशिष्ट मांग पर सागर यूनिवर्सिटी जल्द ही ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी’ पर विशेष पाठ्यक्रम प्रारंभ करने जा रही है।
🎓 कम्युनिटी कॉलेज के जरिए 272 अग्निवीरों को बांटे गए सर्टिफिकेट, AI व योग में मिला प्रशिक्षण
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय द्वारा कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से भारतीय सेना के अग्निवीरों हेतु रोजगारपरक अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट के मध्य हुए एमओयू (MoU) के तहत कम्युनिटी कॉलेज में अग्निवीरों के पंजीकरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया था। नोडल अधिकारी प्रो. काशव ने जानकारी देते हुए बताया कि, “कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से संचालित तीन प्रमुख सर्टिफिकेट कोर्स में अग्निवीरों को प्रवेश दिया गया था। इसके अंतर्गत ‘प्रोफेशनल कम्युनिकेशन सर्टिफिकेट कोर्स’, ‘बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्टिफिकेट कोर्स’ तथा ‘योग एवं वेलनेस सर्टिफिकेट कोर्स’ में कुल 272 पंजीयन दर्ज किए गए थे। पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत सैन्य अधिकारियों, विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति में अग्निवीरों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।”
💼 रिटायरमेंट के बाद स्वरोजगार एवं करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे ये कोर्स
प्रमाण पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने कहा, “भारतीय सेना की वीर इकाई के रूप में महार रेजीमेंट अत्यंत अनुशासित, जांबाज एवं कुशल सैनिक तैयार कर रही है। सेना में अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण करने के पश्चात जब अग्निवीर नागरिक जीवन में लौटेंगे, तो सागर यूनिवर्सिटी के ये व्यावहारिक पाठ्यक्रम उनके करियर निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। विश्वविद्यालय अग्निवीरों को शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता के साथ-साथ वैधानिक डिग्री भी प्रदान कर रहा है, ताकि जवान सेवाकालीन समय में भी अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकें और रिटायरमेंट के उपरांत सुगमता से स्वरोजगार स्थापित कर सकें या अन्य क्षेत्रों में सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकें।”
🚁 आधुनिक युद्धकला और तकनीक को ध्यान में रखकर शुरू होगा विशेष ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी’ कोर्स
समारोह के दौरान महार रेजीमेंट की ओर से सूबेदार संजय साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि, “वर्तमान परिदृश्य में अग्निवीरों को आधुनिक तकनीकों, विशेषकर ड्रोन संचालन व रखरखाव के व्यावहारिक प्रशिक्षण की महती आवश्यकता है। तकनीकी ज्ञान से परिपूर्ण होने पर वे अपने सैन्य एवं नागरिक दायित्वों को अधिक कुशलता के साथ निष्पादित कर सकेंगे।”
सैनिकों की इस सामयिक मांग पर कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय ने आश्वस्त करते हुए बताया, “हम कम्युनिटी कॉलेज के पाठ्यक्रमों का निरंतर विस्तार कर रहे हैं। भारतीय सेना की आवश्यकता के अनुरूप हम अग्निवीरों हेतु विशेष ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स’ डिजाइन कर रहे हैं। इससे पूर्व कंप्यूटर बेसिक एवं योग के जो पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए थे, उनके अत्यंत उत्साहजनक व सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।”
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