Yamunanagar Crime News: स्कूल 10 मिनट लेट पहुंचने पर प्रिंसिपल ने छात्र को मारे 15-20 थप्पड़, कान से सुनाई देना हुआ कम; FIR दर्ज

हरियाणा

यमुनानगर (हरियाणा): जिले के जगाधरी में स्कूल पहुंचने में महज 10 मिनट की देरी होने पर 11वीं कक्षा के छात्र के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है।

शहर जगाधरी थाना पुलिस ने पीड़ित छात्र के पिता की लिखित शिकायत और चिकित्सीय जांच (मेडिकल रिपोर्ट) के आधार पर सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिक तफ्तीश में जुट गई है।

🧹 मैदान की सफाई करने से मना करने पर मारे 15-20 थप्पड़: जान से मारने की धमकी का आरोप

शिकायत और घटनाक्रम का विवरण:

  • 10 मिनट लेट पहुंचा था छात्र: ब्राह्मण चौक निवासी शशिधर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका पुत्र कृष्णा शर्मा जगाधरी स्थित राजकीय विद्यालय में 11वीं कक्षा का छात्र है। आरोप है कि 30 जुलाई की सुबह वह तय समय से करीब 10 मिनट देरी से स्कूल पहुंचा था।

  • सफाई करने की दी सजा: देरी से पहुंचने पर आक्रोशित प्रिंसिपल ने दंड स्वरूप छात्र को स्कूल के मैदान की सफाई करने और वहां फैला कूड़ा-कचरा उठाने का फरमान सुनाया।

  • इनकार करने पर बर्बरता: जब छात्र ने कूड़ा उठाने और मैदान साफ करने से मना कर दिया, तो प्रिंसिपल ने अपना आपा खो दिया और छात्र के दोनों कानों पर ताबड़तोड़ 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए।

  • धमकी का आरोप: पीड़ित छात्र के पिता ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान प्रधानाचार्य ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी।

👂 थप्पड़ लगने से कान से सुनाई देना हुआ कम: मेडिकल बोर्ड करेगा चोट की पुष्टि

चिकित्सीय जांच और पुलिसिया कार्रवाई:

  • कान में गंभीर समस्या: बेरहमी से हुई इस पिटाई के बाद छात्र के एक कान से सुनाई देना काफी कम हो गया, जिससे घबराए परिजनों ने तुरंत अस्पताल ले जाकर उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया।

  • पुलिस को सौंपी मेडिकल रिपोर्ट: परिजनों ने चोटों और कान की जांच रिपोर्ट जगाधरी शहर थाना पुलिस को सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई।

  • थाना प्रभारी का बयान: जगाधरी शहर थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र की मेडिकल रिपोर्ट में कान के हिस्से पर चोट दर्ज की गई है। चोट की गंभीरता और वास्तविक प्रकृति को स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट के आधार पर मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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