शुक्रवार को उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया। बिहार में वज्रपात, पश्चिम बंगाल में ‘कालबैसाखी’ तूफान और मध्य प्रदेश के भिंड में आंधी-बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन अलग-अलग हादसों में अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
⚡ बिहार में वज्रपात का कहर
बिहार के कई जिलों में वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। औरंगाबाद में 2, गया में 3, सारण में 1 और खगड़िया में 1 व्यक्ति की जान गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस असामयिक मौत पर गहरा दुख जताया है और आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी मृतकों के परिजनों को तत्काल अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
🌪️ बंगाल में ‘कालबैसाखी’ की विनाशलीला
पश्चिम बंगाल में दोपहर के समय आए भीषण ‘कालबैसाखी’ तूफान ने कोलकाता को हिलाकर रख दिया। कोलकाता में हवा की रफ्तार 88 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। प्रिंसेप घाट पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली के तार टूटने और पेड़ गिरने से जन-जीवन बाधित रहा। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।
🌀 मध्य प्रदेश के भिंड में भी हाहाकार
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में भी शुक्रवार शाम मौसम ने करवट ली। तेज आंधी और भारी बारिश के चलते हुए अलग-अलग हादसों में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराकर राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
संपादकीय टिप्पणी: जलवायु परिवर्तन के कारण अब मौसम का मिजाज अत्यधिक हिंसक हो गया है। खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहना और पेड़ या बिजली के खंभों से दूर रहना ही बचाव का सबसे सुरक्षित उपाय है। क्या आपको लगता है कि ग्रामीण इलाकों में वज्रपात से बचाव के लिए और अधिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है? अपने विचार नीचे साझा करें।
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