उज्जैन: शहर के नागझिरी इलाके में इंदिरा नगर में रहने वाले 27 वर्षीय राहुल सूर्यवंशी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राहुल मूलतः आगर जिले के नलखेड़ा का रहने वाला था और उज्जैन में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था। उसकी मौत के बाद मिला 6 पन्नों का सुसाइड नोट प्रशासन और समाज के लिए कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
📜 सुसाइड नोट में बिखरे राहुल के दर्द की दास्तां
मृतक राहुल ने अपने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी मन्नत उर्फ कविता, सास सिद्दीका और एक अन्य व्यक्ति गोपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल ने लिखा कि शादी के महज दो दिन बाद ही उसकी पत्नी मायके चली गई थी। इसके बाद से ही सास और पत्नी द्वारा उस पर तलाक लेने का दबाव बनाया जा रहा था। राहुल ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उसे दहेज का झूठा केस दर्ज कराने की धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
🎓 IAS बनने का था सपना, दहेज प्रथा का था विरोधी
राहुल का लक्ष्य 2027 में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना था। राहुल के परिजनों के अनुसार, वह दहेज प्रथा का कट्टर विरोधी था और उसने शादी के समय भी किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया था। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनका सपना पूरा नहीं कर सका। नोट में उसने यह भी जिक्र किया कि उसे समाज और पुलिस (आगर पुलिस) से न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची थी, जिस कारण उसने यह चरम कदम उठाया।
👮 पुलिस की जांच और कार्रवाई
नागझिरी थाना प्रभारी कमल निगवाल ने बताया कि युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट में लिखे तथ्यों, पत्नी, सास, मकान मालिक और माता-पिता के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या किन परिस्थितियों में हुई और आरोपियों की भूमिका कितनी गंभीर है।
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