उज्जैन: मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में देश-विदेश से आने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं (Differently-Abled Devotees) को विभिन्न प्रमुख मंदिरों में सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक दर्शन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत सराहनीय और विशेष कार्ययोजना को धरातल पर लागू करना शुरू कर दिया है। उज्जैन के नवागत कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के सख्त और संवेदनशील निर्देशानुसार, शहर के सभी बड़े और ऐतिहासिक मंदिरों में दिव्यांगजनों की सहूलियत के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव और विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि उन्हें सीढ़ियों, भीड़भाड़ या कतारों के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
🔱 मंगलनाथ मंदिर प्रशासन ने पेश की मिसाल: मंगलवार और शुक्रवार को दो दिव्यांग भक्तों को वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ कराए गए दर्शन
प्रशासनिक निर्देशों के इसी क्रम में, भात पूजा और ऋणमुक्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध भगवान मंगलनाथ मंदिर (Mangalnath Temple) प्रशासन द्वारा दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित और विशेष दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से सुनिश्चित किया गया है।
मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति की सचिव एवं स्थानीय तहसीलदार शैफाली जैन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में मंगलवार और शुक्रवार के विशेष व्यस्त दिनों में दो दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर प्रशासन की देखरेख में व्हीलचेयर, विशेष रैंप और स्वयंसेवकों की मदद से सीधे गर्भगृह के समीप ले जाकर पूरी गरिमा और सुगमता के साथ भगवान श्री मंगलनाथ के दिव्य दर्शन और पूजन संपन्न कराए गए। मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाया जाए ताकि हर दिव्यांग भक्त बाबा महाकाल की नगरी से एक सुखद अनुभव लेकर लौटे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
