इजराइल और अमेरिका के बीच दशकों पुरानी दोस्ती में अब दूरियां साफ नजर आने लगी हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए अमेरिकी आर्थिक मदद को बंद करने की इच्छा जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल की अर्थव्यवस्था अब इतनी मजबूत हो चुकी है कि उसे विदेशी सहायता की आवश्यकता नहीं है। नेतन्याहू ने कहा, “मैं अमेरिकी मदद बंद करना चाहता हूं। हमारी अर्थव्यवस्था अब छोटी नहीं रही, हम खुद को फंड करने में सक्षम हैं।”
🛡️ ईरान को चेतावनी: ‘तीसरी बार भी घुसेंगे’
क्षेत्रीय सुरक्षा पर आक्रामक रुख अपनाते हुए नेतन्याहू ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इजराइल अपनी रक्षा के लिए पहले भी दो बार ईरान की सीमाओं के अंदर घुस चुका है और यदि आवश्यकता पड़ी तो वे तीसरी बार भी ऐसा करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने तेहरान के परमाणु और सैन्य बुनियादी ढांचे को इजराइल के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।
🇵🇸 फिलिस्तीन और लेबनान पर सख्त स्टैंड
फिलिस्तीन को देश का दर्जा देने के मुद्दे पर नेतन्याहू ने दो टूक शब्दों में कहा, “इजराइल यहूदी लोगों का देश है और यहां कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनेगा।” लेबनान के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सीमा-पार के खतरे पूरी तरह खत्म नहीं हो जाते, तब तक इजराइली सेना का सुरक्षा घेरा बना रहेगा और सैनिक वहां तैनात रहेंगे। हिज़्बुल्लाह की धमकियों के बीच उन्होंने कहा कि सेना बस बाड़ के पीछे बैठकर इंतजार नहीं करेगी।
🤐 गाजा में बस्तियों पर साधी चुप्पी
बेरूत और तेल अवीव के बीच हाल ही में हुए राजनयिक समझौते के बावजूद, गाजा पट्टी में इजराइली बस्तियों को फिर से बसाने के सवाल पर प्रधानमंत्री ने सोची-समझी कूटनीतिक चुप्पी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी बात करना उचित नहीं है और समय आने पर ही इस पर कोई कदम उठाया जाएगा।
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