उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक युवक द्वारा अपनी पहचान छुपाकर प्रवेश करने का मामला सामने आया है। पुणे निवासी सरफराज नामक युवक माथे पर तिलक और गले में रुद्राक्ष पहनकर महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने पहुँचा था। शक होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया और महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
🕵️ कैसे खुली युवक की पोल?
बजरंग दल महानगर जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पुणे निवासी सरफराज, पिता ताज शेख, एक हिंदू युवती को साथ लेकर महाकाल दर्शन के लिए आया है। मंदिर परिसर में बजरंग दल की टीम ने युवक की हरकतों को संदिग्ध पाया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना असली नाम कबूल लिया। युवक अपनी पहचान छुपाकर दर्शन करने की कोशिश कर रहा था।
📜 मंदिर प्रबंधन के नियम और सुरक्षा
महाकाल मंदिर में गैर-हिंदू धर्म के व्यक्तियों के दर्शन पर रोक नहीं है, लेकिन मंदिर प्रबंधन समिति के नियमों के अनुसार, किसी भी दर्शनार्थी के लिए अपनी पहचान छुपाना गलत है। चूंकि ‘चलित भस्म आरती’ के दौरान विस्तृत पहचान पत्र (जैसे ) की जांच नहीं होती, इसलिए युवक ने इसी का फायदा उठाने की कोशिश की।
🔎 पुलिस की गहन जांच
सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बाद अब अधिकारी मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि:
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युवक युवती को पुणे से क्यों और किस उद्देश्य से लाया था?
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भेष बदलकर मंदिर में प्रवेश करने के पीछे उसका वास्तविक मकसद क्या था?
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क्या इस पूरी घटना के पीछे कोई गहरी साजिश है?
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