उज्जैन: धर्मनगरी उज्जैन स्थित ‘गयाकोठा तीर्थ’ के विकास का रास्ता साफ हो गया है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने यहां के अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 6.7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस बजट से तर्पण कुंड, शिव मंदिर का जीर्णोद्धार, प्रशासनिक हॉल, बाउंड्रीवॉल और पक्के फर्श का निर्माण किया जाएगा।
🙏 गयाजी के समान है धार्मिक महत्व
मंगलनाथ मार्ग पर स्थित गयाकोठा तीर्थ का पौराणिक महत्व बिहार के गयाजी के समान ही माना जाता है। मान्यता है कि यहां विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रतिवर्ष श्राद्ध पक्ष के दौरान यहाँ देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए आते हैं। तीर्थ स्थल की महत्ता को देखते हुए सरकार ने इसके सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया है।
🏗️ अधूरे निर्माण को मिलेगी गति
पिछले चरणों में हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन बजट की कमी के कारण काम बीच में ही रुक गया था। अब शासन द्वारा नई राशि स्वीकृत होने से निर्माण एजेंसी ने शेष कार्यों को समय सीमा में पूरा करने का वादा किया है। मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के चेयरमैन ओम जैन के अनुसार, गुणवत्ता के साथ सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
⛈️ कीचड़ और अव्यवस्था से मिलेगी राहत
श्राद्ध पक्ष के दौरान पूर्व में श्रद्धालुओं को कीचड़ और जलभराव जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नया फर्श पक्का बनने और तर्पण के लिए लाल पत्थरों के पक्के स्थल तैयार होने से श्रद्धालुओं को भारी राहत मिलेगी। चूंकि आगामी 26 सितंबर से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो रही है, ऐसे में इन विकास कार्यों के पूरा होने से श्रद्धालुओं को एक व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।
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