वैश्विक स्तर पर अग्रणी राइड-हेलिंग कंपनी उबर टेक्नोलॉजीज (Uber Technologies) ने कॉर्पोरेट जगत को बड़ा झटका देते हुए अपनी कुल वर्कफोर्स में 10 प्रतिशत की भारी कटौती करने का फैसला किया है।
कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) दारा खोसरोशाही (Dara Khosrowshahi) ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक मेमो (Internal Memo) में इस निर्णय की आधिकारिक पुष्टि की है। इस फैसले के चलते कंपनी के वैश्विक कार्यबल से लगभग 3,400 नौकरियां समाप्त होने का अनुमान है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह कदम किसी तात्कालिक आर्थिक तंगी या नकदी संकट की वजह से नहीं, बल्कि प्रशासनिक जटिलताओं (Bureaucratic Layers) को घटाने, कार्यप्रणाली को सरल बनाने और निर्णय लेने की गति तेज करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
💼 3,400 नौकरियां होंगी प्रभावित: प्रबंधन के स्तरों में व्यापक फेरबदल
नौकरियों में कटौती की रूपरेखा और मुख्य बिंदु:
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10 प्रतिशत की कमी: कंपनी अपने वैश्विक परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए कुल कर्मचारियों की संख्या में 10% तक की कमी कर रही है।
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संकीर्ण स्तरों की छंटनी: आंतरिक मेमो के अनुसार, संगठन में गैर-जरूरी प्रबंधन परतों को घटाया जा रहा है, जिससे टीमों का ढांचा सीधा और सुगम हो सके।
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प्रमुख केंद्रों पर फोकस: उबर अपने कार्यालयों और टीमों को बिखराव से बचाकर चुनिंदा रणनीतिक शहरों और मुख्य केंद्रों में केंद्रित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
🇮🇳 भारत में भी पड़ेगा प्रभाव: 70 से अधिक देशों में फैला है कंपनी का नेटवर्क
भारत का बाजार और वैश्विक विस्तार:
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भारतीय टीम पर असर: उबर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, इस पुनर्गठन का असर भारत में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की भूमिकाओं पर भी देखने को मिलेगा, हालांकि भारत कंपनी के सबसे प्राथमिक और विकासशील बाजारों में बना रहेगा।
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APAC में भारत की भूमिका: कंपनी एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में अपने नेटवर्क को गति देने के लिए भारत में क्षेत्रीय परिचालन को लगातार सुदृढ़ कर रही है।
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विशाल वैश्विक उपस्थिति: 31 दिसंबर 2025 तक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उबर और उसकी अनुषंगी कंपनियों में लगभग 34,000 नियमित कर्मचारी कार्यरत थे। वर्तमान में कंपनी विश्वभर के 70 से अधिक देशों और 15,000 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।
🏢 छोटी टीमों और समन्वय पदों पर गाज: हफ्ते में 3 दिन ऑफिस आना अनिवार्य
वर्कफोर्स पुनर्गठन और रिटर्न-टू-ऑफिस नीति:
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स्तर और पदों में कटौती: कंपनी ने सीईओ पद से 7 या उससे अधिक स्तर (Levels) नीचे काम करने वाले मध्यस्थ पदों की संख्या में 20% तक की कमी की है।
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छोटी टीमों का पुनर्गठन: एक या दो कर्मचारियों वाली अत्यंत छोटी टीमों की संख्या में लगभग 50% की कटौती कर उन्हें बड़ी टीमों के साथ विलय किया गया है।
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रिमोट वर्क पर सख्ती: कंपनी दूरस्थ (Remote) काम कर रहे अधिकांश कर्मचारियों को पुनः कार्यालय लौटने का निर्देश दे रही है। लागू हाइब्रिड मॉडल के तहत सभी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कम से कम 3 दिन कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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