दुबई से लौटे मजदूर ने कृषि कार्य में तलाशा भविष्य, डेढ़ एकड़ बंजर भूमि में लगाया 30 हजार मिर्ची के पौधे

झारखण्ड

गिरिडीह: बबगोदर प्रखंड के अड़वारा पंचायत अंतर्गत बरवाडीह गांव में डेढ़ एकड़ बंजर भूमि में हरियाली लाई गई है. दुबई से लौटे मजदूर ने मिर्ची की खेती कर अपने जीवन में मिठास लाने का प्रयास किया है. खेतों में मिर्ची के पौधे लहलहा रहे हैं. उसमें मिर्ची फलना भी शुरू हो गई है.

मिर्च से हो रही है आमदनी

किसान जितेन्द्र कुमार के द्वारा आधुनिक तकनीक से डेढ़ एकड़ बंजर भूमि में ढाई लाख रुपए की लागत से मिर्ची के 30 हजार पौधे लगाए गए हैं. जिसमें शिमला मिर्च भी शामिल है. दैनिक जीवन में खाने पीने के उपयोग में लाई जाने वाली हरी मिर्च और शिमला मिर्च के पौधों में मिर्च आने लगी है और उसकी बिक्री स्थानीय बाजारों में की जाने लगी है.

इरादा ठान लिया और बंजर भूमि में मिर्ची के पौधे लगाएः जितेन्द्र कुमार महतो

जितेन्द्र कुमार महतो बताते हैं कि रोजी-रोटी की जुगाड़ के लिए कुछ वर्षों पूर्व दुबई गए थे मगर मुझे दुबई रास नहीं आया और घर लौटने पर पहले तो स्थानीय स्तर पर ईट निर्माण कार्य शुरू किया और फिर जब हजारीबाग रिश्तेदार के घर गया तब वहां बड़े पैमाने पर कृषि कार्य को देखकर मैंने भी कृषि कार्य करने का इरादा ठान लिया और फिर पहली बार बंजर भूमि में मिर्ची के पौधे लगाए.

उन्होंने बताया कि इस कार्य में उसका बेटा जो बीएससी कर चुका है उसने साथ दिया और आधुनिक तकनीक से कृषि कार्य करने में सहयोग किया. उन्होंने बताया कि 40 सालों से जमीन बंजर पड़ी हुई थी. जिस जमीन पर मिर्ची की खेती की गई है उसका उपयोग स्थानीय युवकों के द्वारा फुटबॉल मैदान के रूप में किया जाता था.

कार्य की हो रही है प्रशंसा

जितेन्द्र कुमार महतो के कृषि कार्य अब दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है. स्थानीय निवासी सह सामाजिक कार्यकर्ता छोटन प्रसाद और हेमंत कुमार ने जितेन्द्र कुमार महतो के कृषि कार्य का जायजा लिया और इनके द्वारा की गई कृषि कार्य की प्रशंसा की है.

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