मुंबई की सत्ता के लिए ‘ठाकरे भाई’ आएंगे साथ? उद्धव की कार्यकर्ताओं से अपील- “मराठी अस्मिता के लिए MNS से हाथ मिलाना जरूरी”

महाराष्ट्र

उद्धव ठाकरे ने संभावित फूट के खतरे को देखते हुए रविवार को दादर के शिवसेना भवन में यूबीटी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में उद्धव ने अपने कार्यकर्ताओं को समझाया कि ये बीएमसी चुनाव हमें जीतना है. आपस में फूट नहीं होने देना है. उद्धव ने इस दौरान कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर धोखा देने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र की सुरक्षा सिर्फ शिवसेना ही कर सकती है. यूबीटी चीफ ने कहा कि जब धनुष-बाण का निशान छीन लिया गया, तो सोचिए हमें मशाल कैसे मिली? मैं आपसे अपील करता हूं, प्लीज हमारे साथ धोखा मत कीजिए. आप में से कोई भी दल-बदल न करें. एक पल के लिए मेरी कुर्सी पर बैठकर देखिए.

मराठी अस्मिता के लिए MNS के साथ गठबंधन

उद्धव ने कहा कि मैं चार नाम देता हूं, उनमें से किसी एक को टिकट दे दीजिए और भी शहर हैं. महाराष्ट्र की भलाई के लिए अगर मुझे विलेन भी कहा जाए, तो भी मंजूर है लेकिन अपनी वफादारी मत बेचिए. उद्धव ने कहा बीजेपी ने हमारा गलत इस्तेमाल किया. कांग्रेस के साथ भी हमारा ऐसा ही अनुभव है. इतने सालों बाद, हमने मराठी अस्मिता के लिए MNS के साथ गठबंधन किया है. गठबंधन में, चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं जैसी कोई चाहता है.

उन्होंने कहा कि आप गठबंधन करना चाहते हैं, लेकिन अपना वार्ड छोड़े बिना, यही आपका स्टैंड है. हमें अपने कुछ हक के वार्ड छोड़ने पड़ रहे हैं. हम दोनों ने साथ आने का फैसला क्यों किया? यह एक इमोशनल लड़ाई है. मैं आपके सपोर्ट से शिवसेना को आगे बढ़ा रहा हूं. उद्धव ने कहा कि अगर किसी को टिकट नहीं मिलता और वह तुरंत BJP में चला जाता है, तो क्या पार्टी चीफ के सारे फैसले हमेशा उसकी मर्जी से होते हैं? तो क्या मुझे भी BJP में जाकर शामिल हो जाना चाहिए? सोचिए हम किसके खिलाफ लड़ रहे हैं.

किस्मत बहादुरों को चुनती है, कायरों को नहीं- उद्धव

उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह साफ-साफ याद रखिए. क्या वे शिवसेना को खत्म करना चाहते हैं? अगर मुंबई में शिवसेना का सफाया हो जाता है, तो उनका मकसद मुंबई और महाराष्ट्र को निगलने के लिए खुला छोड़ना है. आज आपमें जो जोश है, वह दिख रहा है, लेकिन सेलिब्रेशन 16 तारीख को दिखना चाहिए. मैं आज यहां से घर जाकर नाम फाइनल करूंगा. बहुतों को टिकट नहीं मिलेंगे. जरूरी यह है कि आपका वार्ड जीता जाए. यूबीटी चीफ ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से इस भगवा झंडे ने कई बंटवारे देखे हैं. किस्मत बहादुरों को चुनती है, कायरों को नहीं.

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