नई दिल्ली: 21 जून को होने वाली NEET 2026 की दोबारा परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। हालाँकि, इन पाबंदियों के बीच भी लोग VPN का इस्तेमाल कर ऐप को एक्सेस करने के जुगाड़ में लगे हैं।
📈 VPN की खोज में भारी उछाल
सरकार द्वारा टेलीग्राम एक्सेस पर रोक लगाने के बाद, गूगल ट्रेंड्स (Google Trends) पर ‘VPN for Telegram’ की खोज में जबरदस्त उछाल देखा गया है। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि केवल टेलीग्राम को ब्लॉक करने से पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। VPN के जरिए भारतीय सर्वर को बायपास करके विदेशी सर्वर से जुड़ना आसान है, जो इस तरह की पाबंदियों को बेअसर बना सकता है।
🛡️ क्या है VPN और यह कैसे काम करता है?
VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) एक सिक्योरिटी टूल है, जो यूजर के डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक प्राइवेट और एन्क्रिप्टेड ‘टनल’ बनाता है। यह असली IP एड्रेस को छिपा देता है, जिससे ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। यह टूल हैकर्स और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स की नजरों से बचने का एक जरिया बन गया है।
📝 सरकार के कड़े निर्देश और Telegram की चुनौतियां
सरकार ने Google और Apple को निर्देश दिया है कि वे 22 जून तक अपने ऐप स्टोर से टेलीग्राम को हटा दें। इसके साथ ही, टेलीग्राम को 30 जून तक अपने ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर को भी बंद करने का आदेश दिया गया है, ताकि पुराने संदेशों को चुपचाप बदला न जा सके। NEET परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से होने वाली किसी भी अनैतिक गतिविधि पर लगाम लगाना है।
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