भद्राद्री कोठागुडेम: जिले के गुंडाला मंडल के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जिसने पूरे चिकित्सा जगत को शर्मसार कर दिया है। प्रसव के दौरान हुई जटिलताओं के कारण 21 वर्षीय वनजा और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई, लेकिन असली सच्चाई तब सामने आई जब अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों में एक सर्जरी वाली कैंची मिली।
📋 घटना का विवरण: प्रसव के दौरान हुई चूक
शंभूनिगुडेम गांव की वनजा को प्रसव पीड़ा के बाद 13 जून को गुंडाला सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ नर्स ने प्रसव कराया। अत्यधिक रक्तस्राव और बच्ची की हालत बिगड़ने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दोनों की मृत्यु हो गई। परिजनों ने इसे स्वाभाविक मौत माना, लेकिन गुरुवार सुबह अस्थियों के अवशेषों के बीच कैंची मिलने से अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खुल गई।
⚠️ मेडिकल स्टाफ पर गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान ब्लीडिंग रोकने की प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई और मेडिकल स्टाफ ने भूलवश कैंची को महिला के शरीर के अंदर ही छोड़ दिया। कैंची मिलने से यह साफ हो गया है कि इलाज के दौरान अत्यंत गंभीर लापरवाही हुई थी, जिसके कारण न केवल महिला की जान गई, बल्कि यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े करती है।
👩⚖️ चिकित्सा अधिकारी निलंबित और जांच शुरू
घटना के सामने आते ही भारी आक्रोश फैल गया। जब चिकित्सा अधिकारी सुदीप से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। डीएमएचओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
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