सुकमा: सुकमा जिले के गादीरास थाना क्षेत्र से महिला एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देशन और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई है। महिला सुरक्षा और नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों पर सुकमा पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख इस मामले में साफ तौर पर देखा गया है।
🥀 क्या है पूरा मामला: प्रेम और विवाह का झांसा देकर बनाया शिकार
घटना 3 जून 2026 की है, जब एक महिला ने गादीरास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को दो युवकों ने प्रेम संबंध और विवाह का झांसा देकर अलग-अलग समय पर शारीरिक शोषण का शिकार बनाया। इस अमानवीय कृत्य के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की कठोर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।
🕵️♂️ तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता: फरार आरोपियों को ऐसे दबोचा
घटना के तुरंत बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी एक चुनौती बनी हुई थी। सुकमा पुलिस ने अपनी साइबर सेल की मदद ली और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) तथा स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से आरोपियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया जा रहा है ताकि मामले का जल्द से जल्द न्यायपूर्ण निपटारा हो सके।
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