दुर्ग: जिले में इन दिनों खाद और बीज के संकट से किसान बुरी तरह परेशान हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कलेक्टर अभिजीत सिंह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ रिसाली महापौर शशि सिन्हा और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ताम्रध्वज साहू ने आरोप लगाया कि जिले में डीएपी, यूरिया, एसएसपी और एमओपी जैसे उर्वरकों की भारी कमी है। सहकारी समितियों में खाद न मिलने के कारण किसान खुले बाजार में अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
📊 30% किसानों को ही मिल पाया खाद: धान बीज की गुणवत्ता और उपलब्धता पर उठाए सवाल
पूर्व गृहमंत्री का दावा है कि जिले की अधिकांश सहकारी समितियों में केवल 30% किसान ही निर्धारित मात्रा में खाद प्राप्त कर सके हैं। इसके अतिरिक्त, धान बीज की उपलब्धता भी संतोषजनक नहीं है। साहू ने कहा कि पहले 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को दो बार खाद दी जाती थी, लेकिन अब इसे घटाकर एक बार कर दिया गया है, जिससे खेती-किसानी के लिए किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
🏥 जिला अस्पताल में मौत का मामला: लापरवाही का आरोप, 50 लाख मुआवजे की मांग
ताम्रध्वज साहू ने 1 जून को दुर्ग जिला अस्पताल में खून की कमी के कारण हुई दीपिका गाड़ा की मौत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एक बेटी की जान प्रशासन की अनदेखी की वजह से गई है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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