बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू

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बिहार: बिहार बंद के दौरान सिवान जिले में हुए उग्र प्रदर्शन के बीच AK-47 राइफल से खुलेआम फायरिंग करने वाले पुलिस जवान पर गाज गिरी है। सोशल मीडिया पर फायरिंग का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सस्पेंड किया गया जवान अभिषेक पटेल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में तैनात था। पुलिस विभाग ने इस मामले में जवान के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

📹 25 जुलाई के प्रदर्शन का वीडियो हुआ था वायरल, नियमों की अनदेखी पर पुलिस मुख्यालय की सख्त कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की नौबत बन गई थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें पुलिस जवान अभिषेक पटेल AK-47 से हवाई फायरिंग करता हुआ साफ दिखाई दे रहा था।

यह वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए और प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए जवान को निलंबित कर दिया। पुलिस प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर किन परिस्थितियों में जवान ने घातक हथियार का इस्तेमाल किया और क्या यह फायरिंग निर्धारित नियमों व गाइडलाइंस के तहत की गई थी या नहीं।

🚓 हिंसा और उपद्रव पर राज्यभर में पुलिस का एक्शन, 21 एफआईआर दर्ज और 450 उपद्रवी गिरफ्तार

बिहार बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं, पथराव और उपद्रव को लेकर बिहार पुलिस ने राज्य के अलग-अलग जिलों में त्वरित और कड़ा एक्शन लिया है। अब तक राजधानी पटना समेत कई प्रमुख जिलों में कुल 21 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और करीब 450 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर हमला करने, जानलेवा हमला, सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने और आम नागरिकों से मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।

🏛️ पटना में सबसे ज्यादा 139 गिरफ्तारियां; पूछताछ के बाद नाबालिगों और छात्राओं को छोड़ा गया

जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो अकेले राजधानी पटना में दर्ज दो मामलों में अब तक 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती कार्रवाई में इनमें 30 छात्राएं और करीब 45 नाबालिग भी शामिल थे, हालांकि पुलिस पूछताछ और हिदायत के बाद छात्राओं व नाबालिगों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

इसके अतिरिक्त सारण जिले में चार मामलों में 58 लोगों, सिवान में तीन मामलों में 25 लोगों, मुजफ्फरपुर में दो मामलों में 15 लोगों, सीतामढ़ी में चार मामलों में 13 लोगों और किशनगंज में एक मामले में 25 आरोपियों की गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

🔍 डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज से हो रही पहचान, संदिग्धों पर बनी पुलिस की पैनी नजर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों की गहराई से जांच की जा रही है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो सामग्री और मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों को मुख्य आधार बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।

दूसरी तरफ, AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस जवान पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस मुख्यालय ने यह साफ संदेश दे दिया है कि कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी की संदिग्ध या गैर-जिम्मेदाराना भूमिका मिलने पर उसके खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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