बिहार के भागलपुर में काली प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ. यह हंगामा जुलूस में शामिल लोगों और मंच पर बैठे समिति के अध्यक्ष के बीच हुआ है. यह हंगामा उस समय भड़क गया, जिस समय मंच पर बैठे लोगों ने परबत्ती पूजा समिति के लोगों को असामाजिक तत्व कह दिया. असामाजिक कहने के बाद परबत्ती समिति के लोग भड़क गए और फिर देखते ही देखते भगदड़ मच गई. इस दौरान भीड़ काफी उग्र हो गई थी.
भीड़ के उग्र होने के बाद समिति के सदस्यों ने सभी लोगों से विनती कर आक्रोशित भीड़ को शांत कराया. घटना में तीन लोग घायल हुए है. केन्द्रीय काली पूजा समिति के बृजेश कुमार गुट ने परबत्ति के युवाओं को असामाजिक तत्व बताया था. शनिवार रात जब जुलूस स्टेशन चौक पहुंचा तो पूजा समिति के विश्वेष आर्या गुट के अध्यक्ष विश्वेष आर्या और बृजेश कुमार में विवाद शुरू हो गया और फिर देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया था. इसी दौरान लोगों ने एक-दूसरे जमकर कुर्सियां फेंकी.
दो गुटों के बीच हुआ हंगामा
ब्रजेश गुट ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, तो वहीं विश्वेष आर्य गुट के लोगों ने ब्रजेश पर गाली गलौज करने का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि इस पूरे हंगामे के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन लोग किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे. हंगामे के दौरान परबत्ती के पूजा समिति के लोगों ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने मंच पर जमकर पत्थरबाजी की. इस पूरी घटना में तीन लोग लोग घायल हो गए हैं.
समिति ने पहले ही जताया था हंगामे का शक
घटना की जानकारी होते ही पुलिस दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और फिर लोगों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया. यह कोई पहली बार इससे पहले पिछले साल केन्द्रीय काली पूजा समिति के जुलूस के दौरान हंगामा हुआ था. कुछ दिनों पहले केंद्रीय महासमिती की ओर से जुलूस की सुरक्षा को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई थी, जिसमें समिति के पदाधिकारियों ने जुलूस निकाले के दौरान हंगामे का शक जताया था.
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