Sirohi Social Boycott: मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बने तो 43 परिवारों का हुआ हुक्का-पानी बंद; जानें क्या है पूरा मामला

राजस्थान

सिरोही (राजस्थान): राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां समाज के पंचों ने केवल इस बात पर 43 परिवारों को समाज से बेदखल कर दिया क्योंकि मृत्युभोज में ‘घी के मालपुए’ नहीं परोसे गए थे। पंचों के इस तुगलकी फरमान ने इन परिवारों का न केवल हुक्का-पानी बंद कर दिया है, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक संकट में भी डाल दिया है।

🏚️ क्या है पीड़ितों का दर्द?

पीड़ितों के अनुसार, आर्थिक तंगी के चलते मृत्युभोज में सामान्य भोजन का आयोजन किया गया था। इस पर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने बैठक कर पूरे 43 परिवारों को समाज से बाहर करने का फरमान जारी कर दिया। अब गांव में कोई उनसे बात नहीं कर रहा है, दुकानदारों ने सामान देना बंद कर दिया है और यहां तक कि उन्हें मजदूरी भी नहीं मिल रही है। महिलाओं और बच्चों के साथ भी भेदभाव किया जा रहा है।

⚖️ संवैधानिक उल्लंघन और कानून का प्रावधान

भारतीय संविधान और राजस्थान के कानूनों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति या समूह का सामाजिक बहिष्कार करना एक गंभीर अपराध है। ‘राजस्थान सामाजिक बहिष्कार निषेध अधिनियम 2019’ के अंतर्गत ऐसी हरकत करने वालों के लिए 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि पंचों का यह निर्णय पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर-कानूनी है।

👮 पुलिस और प्रशासन से न्याय की मांग

पीड़ित परिवारों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद, सभी प्रभावित परिवारों ने सिरोही कलेक्ट्रेट पहुँचकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन पंचों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करता है या इन परिवारों को अभी और संघर्ष करना पड़ेगा।

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