मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में लोड शेडिंग और मेंटेनेंस के नाम पर हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम जनता और किसानों का धैर्य जवाब दे गया है। शुक्रवार रात जिले के चार प्रमुख स्थानों गरोठ, ढलपत, बालागुड़ा और शामगढ़ में किसानों व स्थानीय नागरिकों ने बिजली ग्रिडों का घेराव कर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित किसानों ने गरोठ-भोपाल मार्ग पर तीन घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी किसान मांगें पूरी न होने तक सड़कों पर ही लेटकर नारेबाजी करते रहे।
🥁 ग्रिड पर कर्मचारियों को बनाया बंधक, ढोल बजाकर सरकार तक पहुंचाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान सुवासरा के ढलपत में आक्रोशित किसानों ने ग्रिड पर पहुंचकर कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की। वहीं मल्हारगढ़ के बालागुड़ा में किसानों ने ग्रिड के बाहर धरना दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी के अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते और ग्रिड पर जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं रहते। अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बालागुड़ा में किसानों ने ढोल बजाकर अनोखा प्रदर्शन किया।
🌾 सिंचाई न होने से फसलें चौपट होने का डर, एसडीएम के आश्वासन के बाद देर रात खुला जाम
किसानों ने प्रशासन के सामने अपना दुखड़ा रोते हुए कहा कि क्षेत्र में जलस्तर बेहद नीचे चला गया है, और बिजली न मिलने के कारण कम पानी वाली फसलों की बुवाई व सिंचाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। समय पर पानी न मिलने से सालभर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। हंगामे की सूचना मिलने के बाद एसडीएम राहुल सिंह चौहान बिजली अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे में घरेलू और 2 दिन में कृषि लाइनों का मेंटेनेंस पूरा करने के सख्त निर्देश दिए, जिसके बाद किसानों ने देर रात जाम समाप्त किया।
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