गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. सरकार ने उनके कदम को अनुशासनहीनता माना है और पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंप दी है. इसी बीच, अलंकार अग्निहोत्री और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच फोन पर बातचीत भी हुई.
अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर क्या कहा?
अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि दूसरी प्रतिक्रिया गर्व और संतोष की है. आपने (अलंकार) जिस प्रकार सनातन धर्म के प्रति अपनी गहन निष्ठा और आस्था का परिचय दिया है. उससे समस्त सनातनी समाज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है. ऐसे निष्ठावान लोग बिरले होते हैं और सनातन समाज उनके इस निर्णय का हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता है. आप जैसे समर्पित और साहसी लोग जब धर्म की सेवा के लिए आगे आते हैं तो यह समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनता है. आपके पास सरकार की ओर से दिया गया पद भले ही आज न रहा हो, लेकिन धर्म के क्षेत्र में उससे भी बड़ा और अधिक सम्मानजनक वाला पद मैं आपको सौंपने का प्रस्ताव देता हूं.
वहीं, इस्तीफे के बाद बरेली प्रशासन ने उन्हें मनाने का प्रयास किया. सूत्रों के अनुसार, डीएम आवास पर बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. अलंकार ने बाद में आरोप लगाया कि उन्हें डीएम आवास पर रोका गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. देर रात उन्हें सरकारी आवास खाली करने का निर्देश मिला, जिसके बाद उन्होंने अपना सामान पैक कराया. एक ट्रक सरकारी आवास के बाहर खड़ा देखा गया, जिसमें घरेलू सामान लोड किया गया. ड्राइवर के अनुसार, गाड़ी लखनऊ तक के लिए बुक थी. उस समय सुरक्षा कर्मी मौजूद थे, लेकिन अधिकारी स्वयं वहां नहीं थे.
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