कबीरधाम जिले में कड़ाके की ठंड, वनांचल में जमने लगी ओस की बूंदें

छत्तीसगढ़

कवर्धा: कबीरधाम जिले में इन दिनों ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. सुबह और रात की ठिठुरन ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि सुबह आठ बजे के बाद ही लोग घरों से निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं, जबकि शाम सात बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है. हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड से बचने के लिए लोग अलाव, गर्म कपड़ों और आग का सहारा लेने को मजबूर हैं. ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या में साफ बदलाव देखने को मिल रहा है.

वनांचल इलाकों में ठंड ज्यादा

शहरी क्षेत्र कवर्धा में जहां न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, वहीं जिले के वनांचल इलाकों में ठंड और भी ज्यादा असर दिखा रही है. चिल्फी, रेंगाखार, बोकरखार, झलमला, दलदली और नेऊर जैसे क्षेत्रों में पारा गिरकर 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इसका असर खेत-खलिहानों और घास पर साफ नजर आ रहा है, जहां ओस की बूंदें बर्फ की चादर की तरह जमने लगी हैं. सुबह-सवेरे खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर ठंड से खासे परेशान नजर आ रहे हैं.

मिनी शिमला का मौसम बना आकर्षण

बढ़ती ठंड ने कवर्धा के मिनी शिमला चिल्फी घाटी के मौसम को और भी खुशनुमा बना दिया है. ठंड और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. लोग खासतौर पर चिल्फी घाटी पहुंचकर ठंड का लुत्फ उठा रहे हैं. शनिवार सुबह आठ बजे तक घाटी में घना कोहरा और धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई. सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और दिन में भी वाहन चालक हेडलाइट जलाकर सफर कर रहे हैं.

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के जरूरी इंतजाम करने की अपील की है.

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