Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख रहे 5 कैदी

मध्य प्रदेश

सतना: केंद्रीय जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहे 5 बंदियों को हाई कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन पांचों बंदी जमानतदार की राह देख रहे हैं. जेल प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क भी किया, लेकिन कोई भी जमानत लेने को तैयार नहीं है. 5 बंदियों में 2 बुजुर्ग बंदी भी शामिल हैं. अगर इनकी किसी ने जमानत नहीं ली, तो सजा रहेगी बरकरार. पूरी सजा जेल में काटनी पड़ेगी.

जमानत के बाद भी नहीं रिहा हुए कैदी

केंद्रीय जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, “केंद्रीय जेल सतना में अलग अलग मामलों में अपने गुनाहों की सजा काटने वाले 5 बंदियों को हाईकोर्ट से जमानत तो मिल गई है. इसके बावजूद पांचों बंदी जेल में कैद रहने को मजबूर हैं. क्योंकि नियम के अनुसार जमानत के बाद बंदियों के जमानतदार (परिजन) को बेल- बॉन्ड भरना पड़ता है. इसके बाद ही कैदी की रिहाई होती है. जेल प्रशासन इन कैदियों की रिहाई के लिए परिजनों से लगातार संपर्क कर रहा है, लेकिन परिवार वाले रिहाई करवाकर उन्हें ले जाने को तैयार ही नहीं हैं.

हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध की काट रहे सजा

इन पांचों बंदियों को जब यह पता लगा कि उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और वे सभी जेल से बाहर जा सकेंगे. इस बात से वह बेहद खुश थे, लेकिन अब उनके अंदर निराशा छाई हुई है. क्योंकि इन कैदियों में किसी एक के भी परिजन बेल बॉन्ड की राशि नहीं भर रहे हैं. ऐसे में सभी कैदी जेल से रिहा नहीं होंगे और उनकी आगे की सजा यथावत रहेगी. ये हत्या, दुष्कर्म जैसे अपराध की सजा काट रहे हैं.

परिजनों के इंतजार में ये बंदी

इन कैदियों में एक रायसेन जिले का, दूसरा बिहार के बेलदौर खगड़िया जिले का, दो पन्ना जिले और एक सतना जिले का निवासी है. इनके नाम रामकीर्तन पिता गुरुजन उम्र 78 वर्ष निवासी रायसेन जिला, दूसरा इमाम खान पिता गुलाब खान उम्र 52 वर्ष निवासी पन्ना जिला, तीसरा गणेश शर्मा पिता दिलीप शर्मा उम्र 30 वर्ष निवासी बिहार बेलदौर खगड़िया जिला, चौथा नत्थू प्रजापति पिता बौरा प्रजापति उम्र 36 वर्ष निवासी थाना देवेंद्र नगर जिला पन्ना, पांचवां राजा भैया डोहर पिता भूरा डोहर उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम किटहा हरिजन बस्ती सतना जिला का रहने वाला है.

परिजन नहीं करवा रहे कैदियों की रिहाई

इस बारे में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा का कहना है कि “केंद्रीय जेल सतना में वर्तमान समय में 5 ऐसे बंदी हैं, जिनको माननीय उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है, लेकिन वह रिहा नहीं हो पा रहे हैं. इसका कारण यह है कि उनके परिजन जमानत (बेल बॉन्ड) न्यायालय में पेश नहीं कर पा रहे हैं. जेल प्रशासन द्वारा लगातार बंदियों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन कोई भी उनकी जमानत भरने के लिए आगे नहीं आ रहा है. अगर जमानत नहीं भर पाएंगे तो बंदियों को जो भी सजा है, उनको पूरी सजा जेल में काटनी पड़ेगी. दो बंदी बुजुर्ग भी शामिल हैं. यह एक संवेदनशील मामला है. वहीं बंदी भी बहुत निराश है. अब बंदी भी यह मान रहे हैं कि अगर परिजन जमानत नहीं भर पा रहे तो वह आगे की सजा अब जेल में ही काटेंगे.”

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