नई दिल्ली: विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के अवसर पर एनडीएमसी पालिका मैटरनिटी हॉस्पिटल ने गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने परामर्श सत्र और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने के महत्व पर विशेष बल दिया गया।
एनडीएमसी पालिका मैटरनिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप कौशिक ने कहा, “स्तनपान शिशु का पहला टीका है और यह माँ द्वारा अपने बच्चे को दिया जाने वाला सबसे अनमोल उपहार है। यह शिशु को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, मस्तिष्क के स्वस्थ विकास में सहायक होता है तथा माँ और शिशु के बीच आजीवन भावनात्मक संबंध को मजबूत करता है। प्रत्येक माँ को सफल स्तनपान के लिए उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलना चाहिए तथा परिवार के प्रत्येक सदस्य को इस यात्रा में उसका साथ देना चाहिए।”
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माताओं को स्तनपान की सही तकनीक की जानकारी दी, इससे जुड़े आम मिथकों और भ्रांतियों को दूर किया तथा स्तनपान में कठिनाई का सामना कर रही माताओं को व्यक्तिगत परामर्श प्रदान किया। साथ ही माताओं को दो वर्ष या उससे अधिक समय तक उचित पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के लिए भी प्रेरित किया गया।
डॉ. कौशिक ने बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह प्रसव के बाद शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में मदद करता है तथा कई दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान-अनुकूल परिवार, अस्पताल और कार्यस्थल का निर्माण प्रत्येक नवजात को स्वस्थ जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने के लिए आवश्यक है।
इस जागरूकता अभियान में गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर एनडीएमसी पालिका मैटरनिटी हॉस्पिटल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने तथा स्तनपान के प्रति जन-जागरूकता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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