Saharsa News: बिहार के सहरसा जिले के महिषी में 7 मई को मिड डे मील खाने से 150 से अधिक बच्चों के बीमार होने की अभी जांच चल ही रही है कि दूसरे दिन 8 मई को सौरबाजार के एक स्कूल में भी खाना खाने के तुरंत बाद लगभग 80 बच्चे बीमार हो गए. सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम सभी बच्चों का इलाज करने के साथ गहन निगरानी बनाए हुए हैं. घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है.
बच्चों को पेट दर्द और उल्टी भी हुई
8 मई को रोज की तरह सौरबाजार प्रखंड के मोरचा गांव स्थित कन्या मध्य विद्यालय में भी एनजीओ द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया. भोजन करने के साथ ही बच्चों के पेट में दर्द शुरू हुआ. मिचली के बाद चक्कर आने लगा. एक के बाद एक कई बच्चों को इसी तरह की शिकायत होने के बाद स्कूल प्रशासन ने इसकी सूचना स्थानीय थाना एवं सीएचसी को दी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष स्कूल पहुंच और बीमार बच्चों को सीएचसी भेजने की व्यवस्था की. खुद भी वहां पहुंचकर इलाज शुरू कराया.
सीएचसी पहुंच डीएम ने लिया जायजा
लगातार दूसरे दिन दूसरे स्कूल में हुई इस घटना से शिक्षा विभाग सहित जिला प्रशासन में खलबली मच गई. शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित जिला पदाधिकारी सीएचसी पहुंचकर डॉक्टरों से मामले की जानकारी ली और सभी बीमार बच्चों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया. डीएम दीपेश कुमार ने स्कूलों को खाना उपलब्ध कराने वाले एनजीओ की जांच कराने की भी बात कही. डीएम ने कहा कि प्रथम दृष्टिया यह लापरवाही लग रही है. अधिकतर बच्चों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है. लगभग 15 बच्चे अभी भी भर्ती हैं. एक- दो घंटे ऑब्जरवेशन के बाद इन्हें भी घर भेज दिया जाएगा.
शिक्षा विभाग में रोज हो रहा भद्दा मजाक- विधायक
इधर, क्षेत्रीय विधायक आइपी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा विभाग में रोज भद्दा मजाक हो रहा है. कल सहरसा के महिषी स्थित स्कूल में विषाक्त भोजन खाने से बीमार हुए सैकड़ों बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया तो आज सौरबाजार प्रखंड के सहूरिया पंचायत के कन्या मध्य विद्यालय मोरचा के 80 बच्चों को विषाक्त भोजन खाने के बाद सीएचसी में भर्ती कराया जा रहा है. विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में जब सवाल उठाया था तो जबाव मिला था कि क्लस्टर के माध्यम से बच्चों को गरमागरम खाना दिया जा जा रहा है.
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