कोलकाता: भवानीपुर विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस गौरांग कांत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भवानीपुर मतगणना केंद्र के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फुटेज के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो महीने बाद होगी।
🗳️ ममता बनर्जी का आरोप और चुनावी घमासान
ममता बनर्जी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि इस चुनाव में उन्हें शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। याचिका में दावा किया गया है कि 12वें राउंड तक ममता बनर्जी मतगणना में आगे चल रही थीं, लेकिन 13वें राउंड से स्थिति अचानक बदल गई, जो संदेहास्पद है।
🏛️ वकील कल्याण बनर्जी की दलीलें
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दिन तृणमूल कांग्रेस के एजेंटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मतगणना केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। वकील ने दावा किया कि इसमें केंद्रीय बलों ने भाजपा एजेंटों की मदद की। उन्होंने कहा कि मतगणना में हुई इस गड़बड़ी के सभी सबूत सीसीटीवी फुटेज में मौजूद हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा आवश्यक है।
🔍 भविष्य की कानूनी प्रक्रिया
हाई कोर्ट ने फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश देकर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब दो महीने बाद होने वाली सुनवाई में ये फुटेज मामले का रुख तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। याचिकाकर्ता की मांग है कि मामले का शीघ्र निपटारा हो, ताकि चुनावी नतीजों की सत्यता सामने आ सके।
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