चंडीगढ़: पंजाब में लगातार पराली जलाने के कारण राज्य की हवा प्रदूषित हो रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार जिला अमृतसर देश भर में चौथा सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। जी हां, अमृतसर का AQI Red Zone (बेहद खराब स्तर) जो 310, गोबिंदगढ़ AQI 219, पटियाला का 202 दर्ज किया गया है।
बात करें जिला जालंधर की तो AQI 157, लुधियाना का 152, खन्ना का 136 और बठिंडा दर्ज किया गया है। बता दें कि रविवार को राज्य में पराली जलाने के सबसे अधिक मामले फिरोजपुर (32 )के सामने आए है जबकि संगरूर में 18 और तरनतारन में 13 दर्ज किए गए है। वहीं राज्य में कुल 108 नए मामले रिपोर्ट हुए, जिसके बाद कुल गिनती 1995 हो गई है।
सांस संबंधी बीमारियों, अस्थमा और हृदय रोगों का खतरा
उत्तर भारत के कई हिस्सों पर एक बार फिर से पराली जलाने से उत्पन्न धुएं की आफत मंडराने वाली है। हर साल की तरह इस बार भी अक्तूबर और नवंबर के महीने में किसानों द्वारा पराली जलाने से हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। बता दें कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई किसान पराली जलाते हैं जिससे दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में धुंध की मोटी चादर छा जाती है। इस धुंध में सांस लेना मुश्किल हो जाता है और इससे सांस संबंधी बीमारियों, अस्थमा और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। पिछले वर्षों में प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल भी स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से कई बार किसानों को जागरूक करने और पराली जलाने से रोकने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन अब तक इसका अपेक्षित असर नहीं दिखा है।
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