Ranchi PLFI Terror: रांची में पीएलएफआई के नाम पर फिर गुंडागर्दी, जमीन मालिक से मांगी 1 करोड़ की रंगदारी

झारखण्ड

रांची: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के नाम पर एक बार फिर राजधानी रांची में आतंक का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। कुछ दिनों की कथित शांति के बाद अब एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के नाम पर कारोबारियों और संभ्रांत लोगों को रंगदारी भरे मैसेज और कॉल आने लगे हैं। ताजा सनसनीखेज मामला रांची के तुपुदाना ओपी (आउटपोस्ट) क्षेत्र का है, जहां एक रसूखदार जमीन मालिक से संगठन के नाम पर सीधे एक करोड़ रुपये की लेवी (रंगदारी) मांगी गई है।

📞 जोनल कमांडर राजेश यादव सहित 3 पर प्राथमिकी: तुपुदाना पुलिस ने लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया रंगदारी का केस

पूरे मामले का विवरण देते हुए पीड़ित लाल कृष्ण नाथ शाहदेव (निवासी तुपुदाना) ने बताया कि उन्हें पीएलएफआई के लेटरहेड और व्हाट्सएप के जरिए एक करोड़ रुपये की रंगदारी देने को कहा गया है। समय पर रंगदारी की रकम नहीं मिलने पर उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने और भयानक अंजाम भुगतने की खुली धमकी दी गई है। इस गंभीर संबंध में लाल कृष्ण नाथ शाहदेव ने त्वरित कदम उठाते हुए पीएलएफआई के स्वयंभू जोनल कमांडर राजेश यादव, गीता शाहदेव और संतोष प्रजापति के विरुद्ध तुपुदाना ओपी में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

📱 व्हाट्सएप कॉल और लेटरहेड से दी धमकी: आरोपियों ने कहा—जमीन पर काम रोका तो भुगतना पड़ेगा अंजाम

लाल कृष्ण नाथ शाहदेव ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि बीते 30 अप्रैल को सबसे पहले पीएलएफआई के आधिकारिक लेटरहेड की तस्वीर भेजकर एक करोड़ की रंगदारी का मैसेज दिया गया। इसके बाद नौ मई को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें इंटरनेट (व्हाट्सएप) कॉल किया। फोनकर्ता ने खुद को पीएलएफआई का जोनल कमांडर राजेश यादव बताते हुए सीधे लहजे में कहा कि गीता शाहदेव और संतोष प्रजापति जिस जमीन पर वर्तमान में काम कर रहे हैं, उन्हें वहां काम करने से न रोका जाए और न ही कोई कानूनी परेशानी खड़ी की जाए। यदि किसी भी प्रकार से व्यवधान डाला गया, तो उसका खामियाजा उन्हें और उनके मासूम परिवार को भुगतना पड़ेगा। इसके अगले ही दिन 10 मई को उसी नंबर से दोबारा कॉल कर पैसे का इंतजाम करने का दबाव बनाया गया।

🔫 विरोध करने पर भेजा धमकी भरा मैसेज: दो दिन पहले नामकुम में डॉक्टर से भी मांगी गई थी लेवी, जांच जारी

पीड़ित शाहदेव ने बताया कि जब उन्होंने फोन करने वाले उग्रवादी की बातों का कड़ा विरोध किया, तो उन्हें तुरंत एक और धमकी भरा टेक्स्ट मैसेज भेजा गया। इसमें साफ लिखा था कि एक सप्ताह के भीतर उक्त विवादित जमीन पर काम शुरू किया जा रहा है, यदि किसी ने भी इसे रोकने की हिम्मत की तो संगठन अपने तरीके से फौजी कार्रवाई करेगा। इस सीधी धमकी के बाद से शाहदेव का पूरा परिवार गहरे खौफ के साए में जीने को मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ, दर्ज प्राथमिकी के आधार पर रांची पुलिस और खुफिया विंग मामले की वैज्ञानिक जांच में जुट गई है। आपको बता दें कि महज दो दिन पूर्व ही रांची के नामकुम इलाके में भी एक नामचीन डॉक्टर से पीएलएफआई के नाम पर मोटी रंगदारी मांगी गई थी, जिसकी जांच अभी पुलिस के तकनीकी सेल द्वारा की जा रही है।

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