Rajouri Encounter: राजौरी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन का चौथा दिन; ड्रोन और हेलीकॉप्टर से हो रही घेराबंदी

हिमांचल प्रदेश

जम्मू: राजौरी जिले के गंभीर मुगल और दोरिमल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ चौथे दिन भी अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। शनिवार को सुरक्षाबलों और 2 से 3 लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकियों के बीच हुई पहली सीधी मुठभेड़ के बाद से ही इलाके में लगातार सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर को भी दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई थी, जिसके बाद आतंकी घने जंगलों की ओर भागकर छिप गए। अब सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर ली है और आतंकियों की धर-पकड़ के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

🚁 ऑपरेशन ‘शेरुआली’: पैरा कमांडो और हवाई निगरानी से बढ़ाई गई सुरक्षा, आतंकियों के भागने के रास्ते बंद

राजौरी के गंभीर मुगलान-दोरीमल इलाके में चल रहे ‘ऑपरेशन शेरुआली’ को और अधिक आक्रामक बना दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब इस ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर और पैरा कमांडो (Para Commandos) को भी मैदान में उतारा गया है। हेलीकॉप्टर के जरिए कमांडो टीमों को उन दुर्गम, ऊंचे और घने जंगल वाले इलाकों में उतारा जा रहा है, जहां संदिग्ध सामान और खून के निशान मिले हैं। इससे यह आशंका बलवती हो गई है कि मुठभेड़ के दौरान कोई आतंकी घायल हुआ है और वह जंगल के भीतर ही कहीं छिपा हुआ है।

🛡️ सेना, पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान: ड्रोन से रखी जा रही है हर हलचल पर नजर

सुरक्षाबलों ने आतंकियों के किसी भी संभावित भागने के रास्ते को बंद करने के लिए जाल बिछा दिया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीमें पूरे क्षेत्र की बारीकी से छानबीन कर रही हैं। ड्रोन और हवाई निगरानी के जरिए जंगल और पहाड़ी रास्तों पर हर पल नजर रखी जा रही है ताकि आतंकी भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर भाग न सकें। ऑपरेशन लगातार जारी है और सुरक्षाबल आतंकियों को जल्द से जल्द बेअसर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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