सागर: मध्य प्रदेश के चारों तरफ के पड़ोसी राज्यों के साथ शानदार रोड कनेक्टिविटी तेजी से तैयार की जा रही है. इसी कड़ी में अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों को एक हाई-स्पीड सिक्सलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के जरिए जोड़ा जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा ‘रायपुर-लखनादौन कॉरिडोर’ का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है. यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर मध्य प्रदेश के महाकौशल, बुंदेलखंड और ग्वालियर अंचल को सीधे छत्तीसगढ़ से सिक्सलेन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार होने के साथ ही पर्यावरण मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे. पूरी उम्मीद है कि नए साल 2027 तक इस बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा. इस डीपीआर के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट करीब 310 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिस पर लगभग 19 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.
🗺️ एनएच-44 और आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा प्रोजेक्ट, रायपुर से धमधा-बालाघाट होते हुए गुजरेगा रूट
इस नए डीपीआर के तहत बनने वाला यह प्रोजेक्ट एक आधुनिक सिक्सलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसके पूरा हो जाने से जबलपुर और बुंदेलखंड अंचल भी रायपुर से बेहतरीन सिक्सलेन सड़क मार्ग से कनेक्ट हो जाएंगे. लखनादौन में इस प्रोजेक्ट की कनेक्टिविटी सीधे नेशनल हाईवे-44 से हो जाएगी, जो आगे चलकर आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए दिल्ली तक की यात्रा को बेहद आसान बना देगा. डीपीआर के अनुसार तैयार किए गए रोडमैप के मुताबिक, यह मार्ग छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कुम्हारी से शुरू होकर धमधा और खैरागढ़ से होते हुए मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा. इसके बाद यह बालाघाट जिले के लांझी से होकर रजेगांव, बालाघाट, बरघाट से गुजरते हुए सिवनी जिले के लखनादौन तक बनाया जाएगा.
🌳 पर्यावरण मंजूरी का चल रहा है काम, मंत्री राकेश सिंह बोले— रायपुर से जबलपुर का सफर होगा महज 4 घंटे में
डीपीआर तैयार होने के बाद इस रोड नेटवर्क के रास्ते में आने वाले वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों और घने वनों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है. एनएचएआई की योजना साल 2027 की शुरुआत में सड़क निर्माण का काम आरंभ करने की है. इस संबंध में मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तैयार हो रहे रोड प्रोजेक्ट्स में रायपुर-लखनादौन सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे का डीपीआर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा बैठक में भी प्रस्तुत किया गया था. इसके बन जाने के बाद रायपुर से जबलपुर का सफर महज 4 से साढ़े 4 घंटे और राजधानी दिल्ली तक का सफर करीब 14 घंटे में पूरा होने का अनुमान है, जिससे यात्रियों का काफी समय बचेगा.
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