Indore Sindoor Khela News: इंदौर में बंगाली समाज ने पारंपरिक तरीके से मनाया सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य का पर्व, मां दुर्गा को दी विदाई

मध्य प्रदेश

इंदौर: रावण दहन के साथ ही देश भर में नवरात्रि का पावन पर्व भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन बंगाली परिवारों में मां की विदाई ‘सिंदूर खेला’ की विशेष रस्म और ‘धुनुची नृत्य’ के बिना पूरी नहीं होती. यही वजह है कि इंदौर सहित देश भर में इन पारंपरिक रस्मों और ऊर्जावान नृत्य के साथ माता को उनके मायके से ससुराल के लिए विदाई दी जा रही है.

🔥 क्या है धुनुची नृत्य? मिट्टी के पात्र में सुलगते धूप और लोबान के साथ महिलाएं करती हैं विशेष आरती

देवी भक्त देवयानी बताती हैं, “दुर्गा पूजा के अंतिम दिन माता की विदाई से पहले देवी मां को सुहाग का सिंदूर चढ़ाया जाता है और महिलाएं अपने परिवार के लिए सुख-सौभाग्य की कामना करती हैं. बुधवार को बंगाली समाज की महिलाएं माता को विदाई दे रही हैं, और इस विदाई समारोह का सबसे खास आकर्षण ‘धुनुची नृत्य’ होता है.” धुनुची नृत्य मिट्टी या पीतल के बने एक ऐसे बर्तन या पात्र को लेकर किया जाता है, जिसमें हैंडल लगा होता है और उसमें हवन सामग्री, लोबान, धूप तथा राल डाली जाती है. जब इसे जलाया जाता है, तो इससे निकलने वाला सुगंधित धुआं पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है. इसी जलते हुए पात्र को हाथों में थामकर महिलाएं पूरी भक्ति और उल्लास के साथ मां के चरणों में नृत्य करती हैं. इंदौर में बंगाली क्लब के पूजन समिति प्रमुख रविशंकर राय चौधरी बताते हैं कि यह नृत्य महाअष्टमी और महानवमी की शाम को आरती के दौरान मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है.

🔴 सिंदूर खेला की अनूठी परंपरा: अखंड सौभाग्य की कामना के साथ एक-दूसरे को लगाती हैं सुहाग का सिंदूर

दशहरे के अगले दिन आयोजित होने वाले ‘सिंदूर खेला’ के इस पवित्र अनुष्ठान में बंगाली परिवारों की सुहागन महिलाएं माता को सुहाग का सिंदूर और पान अर्पित करती हैं. बंगाली परिवारों में मायके आई बेटी (मां दुर्गा) की विदाई के रूप में यह रस्म नवरात्र के समापन का सबसे बड़ा उत्सव मानी जाती है. इस दौरान महिलाएं पारंपरिक लाल पाड़ वाली सफेद साड़ियां पहनकर एकत्रित होती हैं, माता को मिठाई और पान का बीड़ा खिलाती हैं, और फिर मां को अर्पित किए गए सिंदूर को आपस में एक-दूसरे को लगाकर अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन तथा परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry