Punjab Play-Way School Rules: पंजाब में निजी प्ले-वे स्कूलों पर सरकार का शिकंजा; पंजीकरण और सुरक्षा नियम अनिवार्य

पंजाब

संगरूर: पंजाब सरकार ने राज्य में बिना पंजीकरण के चल रहे निजी प्ले-वे स्कूलों पर शिकंजा कसते हुए ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ स्कीम के तहत नई हिदायतें जारी की हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी संगरूर, प्रदीप सिंह गिल ने स्पष्ट किया है कि अब हर प्ले-वे स्कूल को ‘सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग’ के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य है। आदेशों का पालन न करने वाले स्कूल संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🚫 दाखिले के नाम पर मनमानी पर रोक

नए दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाई गई है:

  • इंटरव्यू पर बैन: दाखिले के लिए बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं होगा और न ही माता-पिता का इंटरव्यू लिया जाएगा।

  • दबाव मुक्त शिक्षा: बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं होगा और न ही उन्हें डराने-धमकाने की अनुमति होगी।

  • शिक्षक-छात्र अनुपात: एक शिक्षक पर अधिकतम 20 बच्चों की सीमा तय की गई है, ताकि हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके।

🛡️ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए कड़े मानक

बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य की हैं:

  • सुरक्षा तंत्र: स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हैं और चारदीवारी पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए।

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा: फायर सेफ्टी मानकों का पालन और बच्चों के हेल्थ रिकॉर्ड का रखरखाव अनिवार्य है।

  • सुविधाएं: इमारत हवादार होनी चाहिए, जिसमें साफ पानी, रेस्ट रूम, लाइब्रेरी और लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट होने जरूरी हैं। साथ ही, एक केयरटेकर की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।

💻 ऑनलाइन पंजीकरण और अभिभावकों से अपील

स्कूल संचालकों की सुविधा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अब ‘ई-सेवा पोर्टल’ पर पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी स्कूल में दाखिला लेने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह स्कूल सरकार के पास पंजीकृत है या नहीं।

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