Punjab के लोगों के लिए चिंताभरी खबर, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

पंजाब

अमृतसर: पहले सीमावर्ती गांव बुर्ज में 3 किलो आईस ड्रग्स और अब श्री गुरु रामदास इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर दो यात्रियों से 3.5 किलो गांजा जब्त किए जाने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार इस प्रकार के नशीले पदार्थ कौन मंगवा रहा है?, जिससे सुरक्षा एजैंसियां आर्ल्ट पर हैं। अमृतसर की बात करें तो चिट्टे के बाद यहां भी गांजा व आईस ड्रग्स का प्रचलन बढ़ रहा है। महानगर में कुछ ऐसे बॉर हैं जहां देर रात तक पार्टियों के दौर चलते हैं और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन प्रतिष्ठानों में हुक्का से लेकर अन्य सभी प्रकार से नशे भी चलते हैं फिलहाल यह सुरक्षा एजैंसियों के लिए जांच का विषय है।

केन्द्रीय एजैंसी एन.सी.बी. की तरफ से भी पिछले दिनों कुछ ऐसी बारों पर रैड की गई थी और एक्साइज विभाग की तरफ से देर रात तक पार्टियां करवाने वाली बॉरों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है। गांजा की बात करें तो यह अमृतसर एयरपोर्ट पर नया मामला नहीं है। इससे पहले मार्च के महीने में मलेशिया से आई फ्लाइट में सवार अमनदीप सिंह नामक युवक के सामान से 8 करोड़ रुपए की कीमत का गांजा पकड़ा गया था। गांजा बढ़िया क्वालिटी का था। जानकारी के अनुसार अमनदीप सिंह ने गांजा की खेप बैंकाक से ली थी क्योंकि बैंकाक से भारत में आने वाली फ्लाइट सुरक्षा एजैंसियों के रॉडार पर रहती है और इस फ्लाइट में सवार यात्रियों की चैकिंग भी सामान्य फ्लाइटों की तुलना में ज्यादा रहती है। अमनदीप सिंह को गांजा की खेप के साथ बैंकाक से मलेशिया भेजा गया, ताकि कस्टम विभाग को ज्यादा शक ना हो और गांजा की खेप आसानी के साथ अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंच सके। अमनदीप की आयु सिर्फ 21 वर्ष की थी।

कलकता के तस्कर तक सीमित हुई जांच
अमनदीप की गिरफ्तारी के बाद की जांच के बाद कस्टम विभाग की टीम ने अमनदीप के एक और साथी को गिरफ्तार किया था, जो कलकत्ता का रहने वाला था इसका काम ही बेरोजगार व आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को रुपयों के लालच में फंसाकर तस्करी के लिए जरिया बनाना था। फिलहाल कस्टम विभाग भी इस मामले को काफी गंभीरता के साथ ले रहा है और यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा को पंजाब में ही खप्त किया जाना था या किसी अन्य राज्यों में इसकी सप्लाई की जानी थी। हालांकि इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है कि कुछ बड़े होटलों में गांजा, हशीश, कोकीन व अन्य प्रकार के नशों का सेवन युवा व अन्य लोग करते हैं।

बी.एस.एफ.-एन.टी.एफ. के ऑप्रेशनों में पकड़े जा चुके हैं दर्जनों तस्कर
हैरोइन व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करवाने के लिए पाकिस्तान जैसे देश किस प्रकार से सीमावर्ती गांवों में रहने वाले युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक बी.एस.एफ. व ए.एन.टी.एफ. (एंटी नॉर्कोटिक्स टॉस्क फोर्स), एन.सी.बी. व पुलिस की तरफ से दर्जनों तस्कर हैरोइन की खेप के साथ पकड़े जा चुके हैं, जितने भी तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, वह सभी 18 से 25 वर्ष की आयु के बीच के हैं। ऐसे युवा कम मेहनत में फॉस्ट मनी कमाने के लालच में तस्करों का शिकार बन जाते हैं और फिर सारी जिन्दगी बड़े तस्करों के गुर्गे बनकर गुजारते हैं, क्योंकि एक बार पकड़े जाने के बाद जब जेल चले जाते हैं तो जेल से और ज्यादा नैटवर्क बनाकर लौटते हैं।

हिल स्टेशनों में ज्यादा होता है गांजा, चरस व कोकीन का सेवन
गांजा व इसके साथ वाले नशों की बात करें तो पता चलता है कि ज्यादातर हिल स्टेशनों में जहां विदेशों से टूरिस्ट आकर काफी समय व्यतीत करते हैं। ऐसे हिल स्टेशनों में गांजा, आईस ड्रग्स, चरस व कोकीन जैसे नशों का ज्यादा सेवन होता है। हालांकि इसमें कुछ स्टेशनों में भांग का भी सेवन होता है।

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