बेमेतरा: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम उस समय राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया, जब साजा से भाजपा विधायक ईश्वर साहू अपनी तस्वीर बैनर-पोस्टर में न देखकर नाराज हो गए। विधायक ने इसे अपनी जानबूझकर की गई उपेक्षा और प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए मंच छोड़ दिया, जिससे वहां मौजूद आला अधिकारियों और गणमान्य लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
📋 फोटो न होने पर बढ़ा विवाद
कार्यक्रम स्थल पर अन्य विधानसभा क्षेत्रों (बेमेतरा और नवागढ़) के जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें तो थीं, लेकिन साजा विधायक ईश्वर साहू की तस्वीर नदारद थी। इस घटनाक्रम के दौरान मंच पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और बेमेतरा विधायक दीपेश साहू भी मौजूद थे। अपनी उपेक्षा से आहत विधायक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है और वे इस मामले की उच्च स्तरीय शिकायत करेंगे।
🤝 समझाइश के बाद लौटे विधायक
विधायक के मंच से उठकर जाने के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उनसे चर्चा की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद ईश्वर साहू दोबारा मंच पर लौटे और कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, यह घटना जिले के प्रशासनिक समन्वय और आयोजन समिति की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर गई है।
🧐 प्रशासन की घोर लापरवाही पर सवाल
यह घटना अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जब जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, तो प्रचार सामग्री तैयार करते समय साजा विधायक की तस्वीर को क्यों नजरअंदाज किया गया? इसे प्रशासन की ‘घोर लापरवाही’ के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी आयोजनों में जनप्रतिनिधियों का सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें इस बार चूक हुई है।
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