विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G बिल को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है. देश के कई राज्यों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.विपक्ष इसे महात्मा गांधी का अपमान बता रहा है. इस बीच जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव का बयान सामने आया है.
तेज प्रताप यादव का कहना है कि महात्मा गांधी को कोई नहीं हटा सकता. रविवार (21 दिसंबर) को राजधानी पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं महात्मा गांधी भगवान राम का नाम लेते थे. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के साथ-साथ भगवान राम के प्रति भी सम्मान है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिला को दी मंजूरी
दरअसल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बदलकर नई योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी बिल 2025 लाई है. संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी. राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ यह बिल कानून बन गया.
मनरेगा की जगह लेगा कानून
सरकार इस बिल को अगले साल ( 2026) से 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी में है. यह प्रस्तावित कानून 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेगा. इस बिल के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी अब 100 दिनों की बजाय 125 दिनों तक बढ़ गई है.
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इधर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) ने रविवार को मोहाली में केंद्र सरकार के एमजीएनआरईजीए योजना को वीबी-जी राम जी विधेयक , 2025 से बदलने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि एमजीएनआरईजीए का मूल स्वरूप बदल दिया गया है. उन्होंने घोषणा की कि 27 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में विकासशील भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम-जी) विधेयक के खिलाफ सभी राज्यों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए एक कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा.
जयराम रमेश का मोदी सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने कहा कि नए कानून ने समाज के ग्रामीण, वंचित और शोषित वर्गों से रोजगार के अवसर छीन लिए हैं. उन्होंने कहा, “एमजीएनआरईजीए का मूल स्वरूप ही बदल गया है; योजना की बुनियादी संरचना में फेरबदल कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण, वंचित और शोषित लोगों को जो रोजगार मिल रहा था, वह अब उनसे छीन लिया गया है. उन्होंने बीजेपी पर वैचारिक पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा ‘वे महात्मा गांधी के नाम से नफरत करते हैं और कांग्रेस शासन के दौरान बनाए गए कानूनों से भी नफरत करते हैं।. मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने इसे इतनी जल्दी क्यों पारित कर दिया’.उन्होंने आगे कहा कि यह कानून राज्य सरकारों से परामर्श किए बिना पारित किया गया था.
सुप्रिया श्रीनेत ने की सरकार की आलोचना
वहीं कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को नवगठित वीबी-जी राम-जी विधेयक, 2025 की कड़ी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक महात्मा गांधी का नाम हटाता है और रोजगार की गारंटी को समाप्त करता है.श्रीनाते ने कहा, ‘हम महात्मा गांधी का नाम हटाने से असहमत हैं। जिस तरह से उन्होंने रोजगार की गारंटी देने वाली इतनी बड़ी योजना को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, वह अस्वीकार्य है। यह नया कानून काम की कोई गारंटी नहीं देता है’
उन्होंने विधेयक के नामकरण में इस्तेमाल संक्षिप्त नाम पर हमला करते हुए कहा, ‘इसमें भगवान राम का नाम शामिल नहीं है. वे हमारे पूजनीय देवता और ईश्वर हैं, हमारी आस्था और मूल्यों के प्रतीक हैं… उन्होंने एक संक्षिप्त नाम बनाया है: ‘आर’ रोजगार के लिए, ‘ए’ आजीविका के लिए और ‘एम’ मिशन के लिए. उन्हें इस तरह भगवान राम का अपमान नहीं करना चाहिए… वे जो कर रहे हैं वह पूरी तरह गलत है’. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इन बदलावों का जोरदार विरोध करेगी और कहा और आने वाले दिनों में लाखों लोग सड़कों पर उतरेंगे.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
