पलवल: डीटीपी (District Town Planner) यानी जिला नगर योजनाकार विभाग ने शहर में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की. डीटीपी की टीम ने ओमेक्स सिटी में कांग्रेस जिला कार्यालय पर बुलडोजर चला दिया. कांग्रेस नेता करण दलाल ने इस कार्रवाई का विरोध किया. कांग्रेस जिला कार्यालय पर हुई तोड़फोड़ का निरीक्षण करने पहुंचे करण दलाल ने आरोप लगाया कि “डीटीपी विभाग नाजायज कॉलोनियों को संरक्षण दे रहा है, जबकि लाइसेंस प्राप्त कालोनियों पर अवैध तरीके से कार्रवाई कर रहा है.”
कांग्रेस नेता ने किया डीटीपी की कार्रवाई का विरोध: कांग्रेस नेता करण दलाल ने कहा कि “ये कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष के तहत की गई है. विभाग का पहला निशाना कांग्रेस कार्यालय था, इसके बाद ओमेक्स में जमकर तोड़फोड़ की गई. भाजपा सरकार अपने विरोधियों को दबाने के लिए डीटीपी का दुरुपयोग कर रही है. कांग्रेस कार्यालय को निशाना बनाना, इसी साजिश का हिस्सा है. इस कार्रवाई के दौरान डीटीपी ने मंत्रियों के फोन नहीं उठाए, क्योंकि वो मोटी रिश्वत देकर यहां नियुक्त हुए हैं. संबंधित मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और जनता से माफी मांगें.”
सरकार और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप: पूर्व मंत्री ने कहा कि “भाजपा के मंत्री पूरी तरह डरे हुए हैं और उनकी बात तक अधिकारी नहीं सुन रहे हैं. विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है और कई अधिकारी मोटी रकम देकर नौकरी में आए हैं, जिसके चलते उन्हें अपने पद का घमंड है. इस मुद्दे को लेकर पार्टी हाईकमान से बातचीत की जाएगी. यदि अनुमति मिलती है, तो प्रदेशभर में सरकार और डीटीपी विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
पलवल में अतिक्रमण पर चला पीला पंजा: बता दें कि जिला नगर योजनाकार विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ पलवल सोहना रोड स्थित रुड़को सिटी में तोड़फोड़ अभियान चलाया था. इस कार्रवाई के तहत रुड़को सिटी में ग्रीन बेल्ट पर लगाई गई ग्रिल, गेट और गार्ड रूम तोड़ दिए गए. ग्रीन बेल्ट पर लगे बोर्ड, जनरेटर और टीन शेड भी उखाड़ दिए. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया, परंतु डीटीपी ने उन्हें समझाया कि कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर नियमों के तहत की जा रही है.
हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई: जिला नगर योजनाकार अनिल मलिक ने बताया कि “पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा राज्य में रेजिडेंशियल प्लॉट हेतु स्टिल्ट+4 फ्लोर पॉलिसी के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है. राइट ऑफ वे पर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. निर्देशों के अनुसार सड़कों के रास्ते के अधिकार (राइट ऑफ वे) पर हरित पट्टी, लॉन, लैंडस्केप एरिया, बाउंड्री वॉल के रूप में किए गए सभी प्रकार के अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ऐसे सभी नियम उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं”
जारी रहेगी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई: अनिल मलिक ने बताया कि “सभी कॉलोनाइजरों, डेवलपर्स, प्लॉट/फ्लोर मालिकों, कब्जाधारियों, निवासी कल्याण संघों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों को अखबार के माध्यम व नोटिस चस्पा कर आंतरिक सड़कों के राइट ऑफ वे पर किए गए अतिक्रमणों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे. इसके अतिरिक्त स्टिल्ट फ्लोर में किसी भी प्रकार के अनाधिकृत उपयोग, कब्जा या अवैध निर्माण को तुरंत बंद करने के भी निर्देश दिए गए थे. समयावधि पूरा होने पर कार्रवाई शुरू की गई है. पलवल शहर में करीब 22 कॉलोनी व रिहायशी सोसायटी व होडल में दो कॉलोनियों पर कार्रवाई की जानी है. ये कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी.”
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
