West Bengal Elections: ‘झालमुड़ी मैंने खाई, झटका TMC को लगा’, वोटिंग के बीच बंगाल में बोले PM मोदी; ममता सरकार पर साधा निशाना

देश

बंगाल में एक तरफ जहां पहले चरण की वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी दूसरे फेज के लिए ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर रहे हैं. दूसरे चरण के लिए वोटिंग 29 अप्रैल को है. बंगाल के बंगाल के कृष्णनगर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि झालमुड़ी मैंने खाई और झटका टीएमसी को लगी. 4 मई को मिठाई और झालमुड़ी दोनों बटेंगी. बंगाल के वकील सच्चे न्याय के लिए वोट करें. इस बार बंगाल का चुनाव जनता लड़ रही है. जहां भारी मतदान वहां बीजेपी की जीत. लोग कह रहे हैं कि बहुत हो गया.

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान चल रहा है. 50 साल बाद चुनावी हिंसा में कमी आई है. बंगाल चुनाव में कम हिंसा चुनाव आयोग की सफलता है. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल से भय जा रहा है, भरोसा आ रहा है. बंगाल में मतदान पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है. पहले बंगाल में गुंडाराज चलता था. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी के जंगलराज के खिलाफ है.

जंगलराज अब नहीं, जिसने लूटा है उसे लौटाना होगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिसने लूटा है उसे लौटाना होगा. टीएमसी का जंगलराज अब नहीं चलेगा. टीएमसी घुसपैठ करती है, उसको संरक्षण देती है. अत्याचारियों-भ्रष्टाचारियों का हिसाब होगा. किसी को भी टीएमसी से डरने की जरूरत नहीं है. पीएम मोदी ने बंगाल की बहनों के लिए 10 गारंटी की बात कही. उन्होंने कहा कि महिलाओं को एक साल में 36 हजार देंगे. महिलाओं को 20 लाख का मुद्रा लोन मिलेगा.

कईं जिलों में TMC का खाता तक नहीं खुलेगा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहां तो टीएमसी के विधायकों, मंत्रियों, लोकल नेताओं और इनके सिंडिकेट के खिलाफ इतना गुस्सा है कि कईं जिलों में टीएमसी का खाता तक नहीं खुलेगा. 15 साल पहले वाम के विरुद्ध जनता ने बिगुल फूंका था. आज तृणमूल में जंगलराज के विरुद्ध बंगाल की जनता हर गली मोहल्ले में शंख फूंक रही है. ये चुनाव न मोदी लड़ रहा है और न ही मेरे साथी लड़ रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि इस बार बंगाल का चुनाव यहां की जनता जनार्दन लड़ रही है. चुनाव का नेतृत्व बंगाल की जनता जनार्दन के हाथ में है. मैं जहां भी जा रहा हूं, लोग एक ही बात कहते हैं कि अब बहुत हो गया.

‘बंगाल से भय जा रहा है भरोसा आ रहा है’

बंगाल के सरकारी कर्मचारी टीएमसी के भय से बाहर निकलने के लिए वोट दे रहे हैं. बंगाल के डॉक्टर भय से मुक्त होकर एक बेहतर सिस्टम के लिए वोट दे रहे हैं. यहां के वकील सच्चा न्याय दिलाने के लिए और शिक्षक भयमुक्त स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए वोट दे रहे हैं. दुकानदार, रिक्शा वाले, टैक्सी वाले टीएमसी के सिंडिकेट से मुक्ति के लिए वोट कर रहे हैं और बंगाल की पुलिस भी गुंडों से आदेश लेने की बजाय जनता की सेवा के लिए वोट डाल रही है यानी बंगाल में हर क्षेत्र और हर वर्ग अब भाजपा के भरोसे को एक मौका देना चाहता है. हर कोई कह रहा है- भय आउट, भरोसा इन.

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