Palamu News: पलामू में एकजुटता की मिसाल! ग्रामीणों ने मिलकर कराई अनाथ बेटी की शादी, पर्यावरणविद ने उठाया पूरा खर्च

झारखण्ड

पलामू: झारखंड के पलामू जिले के सुदूर नक्सल प्रभावित छत्तरपुर प्रखंड अंतर्गत पाटादोहर गांव से सामाजिक समरसता और आपसी एकजुटता की एक बेहद खूबसूरत व प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहाँ के ग्रामीणों ने मिलकर रूढ़िवादिता को पीछे छोड़ते हुए गांव की ही एक गरीब और अनाथ बेटी की शादी पूरे धूमधाम से करवाई है। जानकारी के अनुसार, पाटादोहर गांव की रहने वाली बरती कुमारी के माता-पिता का साया बचपन में ही सिर से उठ गया था, जिसके कारण वह बिल्कुल असहाय थी। बेटी को बेसहारा न रहने देने के संकल्प के साथ गांव के प्रबुद्ध जनों ने एक विशेष बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से बरती की शादी कराने का सामूहिक निर्णय लिया।

🤝 ग्रामीणों ने मिलकर तय किया रिश्ता: छत्तरपुर के अर्जुन सिंह के साथ सात फेरों के बंधन में बंधी बरती कुमारी

आपसी सामाजिक बैठक में ग्रामीणों ने न केवल शादी का बीड़ा उठाया, बल्कि छत्तरपुर क्षेत्र के ही रहने वाले योग्य युवक अर्जुन सिंह के साथ बरती का रिश्ता पूरी गरिमा के साथ तय किया। ग्रामीणों ने आपसी एकजुटता दिखाते हुए शादी के हर छोटे-बड़े इंतजाम की कमान खुद संभाली। इस पुनीत कार्य की गूंज जब क्षेत्र के विख्यात समाजसेवियों तक पहुंची, तो ‘विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल और उनकी धर्मपत्नी स्थानीय मुखिया पूनम जायसवाल ने आगे बढ़कर इस विवाह का पूरा आर्थिक खर्च उठाने की सहर्ष घोषणा की। इसके बाद पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बरती और अर्जुन का विवाह संपन्न कराया गया।

🌱 नवदंपति को पर्यावरणविद कौशल किशोर ने दिया आशीर्वाद: शगुन के रूप में उपहार में भेंट किए अमरूद और कपूर के पौधे

इस भव्य विवाह समारोह में पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल और मुखिया पूनम जायसवाल ने व्यक्तिगत रूप से शिरकत की। दोनों ने माता-पिता की भूमिका निभाते हुए नवविवाहित जोड़े को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कौशल किशोर जायसवाल ने नवदंपति को शगुन के कपड़ों और बर्तनों के साथ-साथ अमरूद और कपूर के पवित्र पौधे भी भेंट स्वरूप दिए, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत प्रकृति की सेवा के साथ करें। कौशल किशोर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पाटादोहर के ग्रामीणों ने जो एकजुटता दिखाई है, वह पूरे देश के ग्रामीण समाज के लिए एक बेहतरीन सीख है।

🏡 अब तक 22 अनाथ बच्चों की करवा चुके हैं शादी: हर घर से मिली मदद, पलामू के पाटादोहर गांव में उत्सव का माहौल

पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल के सामाजिक कार्यों की सूची बेहद लंबी है; वे अब तक अपने निजी खर्च पर कुल 22 अनाथ और असहाय युवक-युवतियों की शादियां करवाकर उनका घर बसा चुके हैं और बरती कुमारी उनके द्वारा कन्यादान की गई 23वीं बेटी बनीं। इन सभी शादियों का सारा खर्च वे खुद अपनी नेक कमाई से उठाते आ रहे हैं। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि इसमें सिर्फ बड़े दानदाताओं ने ही नहीं, बल्कि पाटादोहर गांव के हर एक छोटे-बड़े घर से ग्रामीणों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार अनाज, श्रम और अन्य सामग्रियों से भरपूर सहयोग किया। इस अनोखे और सामूहिक प्रयास से आज पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूबा नजर आ रहा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry