Palamu Chianki Airport: चियांकी हवाई अड्डे से उड़ान पर फंसा पेंच; केंद्र के पत्र पर झारखंड सरकार ने नहीं दिया जवाब

झारखण्ड

पलामू: झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर (डालटनगंज) स्थित चियांकी हवाई अड्डे (Chianki Airport) से कमर्शियल विमानों की उड़ान शुरू होने का सपना एक बार फिर फाइलों में दबता नजर आ रहा है। इस हवाई अड्डे से उड़ान को लेकर राज्य सरकार, केंद्र सरकार को कोई ठोस जवाब नहीं दे रही है। भारत सरकार के नागर विमानन एवं सहकारिता विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पलामू के लोकप्रिय सांसद विष्णुदयाल राम (वीडी राम) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे प्रशासनिक पेंच की चौंकाने वाली जानकारी साझा की है।

✈️ जमीन, सुरक्षा और अग्निशमन सेवाओं पर मौन है झारखंड सरकार: केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के अनुरोध पर नहीं बढ़ा कदम

केंद्रीय मंत्री द्वारा भेजे गए पत्र के माध्यम से पलामू सांसद को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नागर विमानन मंत्रालय ने हवाई अड्डे के सुचारू संचालन के लिए झारखंड सरकार से कुछ बुनियादी जरूरतें पूरी करने का आग्रह किया था। इसके तहत राज्य सरकार से हवाई पट्टी के विस्तार के लिए नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करवाने, हवाई अड्डे की चाक-चौबंद सुरक्षा, आधुनिक अग्निशमन (फायर फाइटिंग) सेवाएं, मौसम संबंधी तकनीकी सहायता और हवाई अड्डा के दैनिक संचालन को लेकर विस्तृत अनुरोध किया गया था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस पूरे संवेदनशील मामले में झारखंड सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय को अब तक कोई आधिकारिक प्रतिउत्तर या जवाब नहीं भेजा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पलामू के चियांकी हवाई अड्डे को केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘उड़ान परियोजना 4.2’ (UDAN 4.2) के तहत बाकायदा चयनित किया गया था।

🗺️ ‘संशोधित उड़ान योजना’ को मिली मंजूरी, अगले 10 साल में 4 करोड़ यात्रियों का लक्ष्य: वैध प्रस्ताव मिलने पर ही विचार करेगा केंद्र

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पलामू सांसद को भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत करने के लिए ‘संशोधित उड़ान योजना’ को अपनी प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस नए और उन्नत चरण के तहत देश के 120 नए गंतव्यों (Destinations) को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाना तय हुआ है, जिससे अगले 10 वर्षों में लगभग 4 करोड़ आम यात्रियों को हवाई सफर की किफायती सुविधा दी जानी है। पत्र में साफ किया गया है कि यदि भविष्य में पलामू के मेदिनीनगर (डालटनगंज) के चियांकी हवाई अड्डा को लेकर झारखंड सरकार की ओर से कोई वैध और पूर्ण प्रस्ताव मिलता है, तो केंद्र सरकार इस संशोधित उड़ान परियोजना के तहत उस पर प्राथमिकता से पुनर्विचार करेगी।

👥 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव से की थी मुलाकात: भाजपा सांसद वीडी राम ने राज्य सरकार पर लगाया विकास रोकने का आरोप

वहीं, केंद्रीय मंत्री से मिले इस पत्र के बाद पलामू के भाजपा सांसद विष्णुदयाल राम ने राज्य की वर्तमान सरकार की इच्छाशक्ति पर कड़े सवाल उठाए हैं। सांसद का कहना है कि उन्होंने पलामू की जनता के हित को देखते हुए खुद व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को कई बार पत्र लिखा था। यही नहीं, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करके भी केंद्र सरकार को जल्द से जल्द चियांकी हवाई अड्डे का प्रस्ताव भेजने का पुरजोर आग्रह किया था। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा अब तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया, जिसके कारण केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद भी पलामू से हवाई सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की इस उदासीनता के कारण पलामू अंचल के विकास और कनेक्टिविटी को भारी नुकसान हो रहा है।

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