OYO के खिलाफ कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, होटलों में फर्जी बुकिंग का था आरोप

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राजस्थान हाईकोर्ट ने रिजॉर्ट की फर्जी बुकिंग के जरिए कथित तौर पर कमाई बढ़ाने के मामले में OYO के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी गई है. जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत में यह रोक कंपनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई गई है. इस घटना के कारण रिजॉर्ट संचालक को 2.7 करोड़ रुपए का जीएसटी नोटिस दिया गया है. जिसके बाद जस्टिस प्रवीर भटनागर ने कंपनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई और अन्य पक्षों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है.

फर्जी बुकिंग दिखाकर कमाई बढ़ाने का आरोप लगाया

एफआईआर में जयपुर के समस्कारा रिजॉर्ट ने OYO पर 22.5 करोड़ रुपए की फर्जी बुकिंग दिखाकर अपनी कमाई बढ़ाने का आरोप लगाया, जिसके बाद रिजॉर्ट को जीएसटी नोटिस भेजा गया. एफआईआर में दावा किया गया कि OYO ने राज्य के कई होटलों और रिजॉर्ट में इसी तरह की रणनीति का इस्तेमाल किया, जिसके कारण उन्हें टैक्स वसूली के नोटिस भेजे गए.

बुकिंग के पैसे सीधे होटल और रिसॉर्ट्स को ही जाते हैं

OYO की ओर से पैरवी करते हुए उनकी वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर और लिपि गर्ग ने बताया कि समस्कारा रिजॉर्ट ने जीएसटी विभाग की टैक्स रिकवरी के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. इसे हाईकोर्ट ने मार्च में खारिज कर दिया था. आरबी माथुर ने कहा कि इसके बाद रिजॉर्ट संचालकों ने टैक्स दायित्व से बचने के लिए 9 अप्रैल को OYO के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी. OYO पूरी तरह से केवल कमिश्न पर काम करता है.

बुकिंग के पैसे सीधे होटल और रिसॉर्ट्स को ही जाते हैं. बुकिंग पर टैक्स का भुगतान करने की जिम्मेदारी संबंधित होटल की है.टैक्स दायित्व से बचने के लिए ओयो के खिलाफ निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं. इसपर कोर्ट ने OYO के खिलाफ दर्ज FIR में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए दूसरे पक्षकारों से दो हफ्ते में जवाब मांगा है.

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