भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया और छतरपुर सहित कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से लगातार वर्षा हो रही है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है। श्योपुर जिले में सोमवार को कई इलाके पानी में डूब गए। अस्पतालों, दुकानों और घरों तक में पानी भर गया। नर्मदा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। वहीं शिवपुरी के अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद सोमवार सुबह 6:30 बजे इसके 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया, जिससे आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रदेश में औसत से अधिक बारिश
16 जून को प्रदेश में मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 18 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। निवाड़ी में तो 103% बारिश हो चुकी है जबकि मंडला और टीकमगढ़ में यह आंकड़ा 75% तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 जुलाई तक लगातार तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
जिलेवार बारिश का आंकड़ा:
- मंडला: 9 घंटे में 2 इंच बारिश
- खरगोन: डेढ़ इंच बारिश
- टीकमगढ़ व उमरिया: आधा इंच
- रायसेन: अब तक सबसे अधिक 21.5 इंच बारिश
- भोपाल: 14 इंच (लगभग एक-तिहाई कोटे की बारिश)
- सीहोर, राजगढ़, विदिशा: 15 इंच से अधिक वर्षा
क्वारी नदी उफान पर
श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे आगरा जाने वाला रास्ता बंद करना पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है।
क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है, साथ ही लो प्रेशर एरिया भी सक्रिय है। यही कारण है कि प्रदेश में जोरदार बारिश का सिलसिला बना हुआ है।
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